सीतामढ़ी | 22 फरवरी, 2026: बिहार के सीतामढ़ी जिले से एक ऐसी खबर सामने आई है जिसे सुनकर डॉक्टर भी हैरान रह गए। मेजरगंज प्रखंड में एक युवक को सांप ने डस लिया, लेकिन चर्चा का विषय सांप का काटना नहीं, बल्कि उसके बाद की घटना रही। पीड़ित युवक इलाज कराने के लिए हाथ में एक डिब्बा लेकर अस्पताल पहुंचा, जिसमें वह जिंदा सांप बंद था जिसने उसे काटा था।
15 दिनों से सपने में मांग रहा था ‘दूध-लावा’
पीड़ित युवक की पहचान मेजरगंज के मुकेश पासवान के रूप में हुई है, जो मजदूरी का काम करता है। मुकेश ने एक चौंकाने वाला दावा किया है। उसका कहना है कि पिछले 15 दिनों से एक सांप उसके सपने में आ रहा था और उससे दूध और लावा खिलाने की मांग कर रहा था।
मुकेश ने बताया कि उसने इस सपने को दैवीय संकेत मान लिया। रविवार को जब उसे वह सांप दिखाई दिया, तो वह बिना डरे उसे दूध पिलाने की कोशिश करने लगा। इसी दौरान सांप ने उसे डस लिया।
अस्पताल में मची खलबली: डिब्बे में ‘कैद’ था सांप
सांप के काटने के बाद मुकेश घबराया नहीं, बल्कि उसने साहस (या कहें कि सनक) दिखाते हुए उस जहरीले सांप को पकड़ लिया और एक प्लास्टिक के डिब्बे में बंद कर दिया।
- अस्पताल का नजारा: जब मुकेश हाथ में डिब्बा लिए मेजरगंज के अस्पताल पहुंचा और डॉक्टरों को बताया कि इसमें वही सांप है जिसने उसे काटा है, तो वहां मौजूद स्टाफ और मरीजों में भगदड़ मच गई।
- इलाज में आसानी: हालांकि, डॉक्टरों के लिए यह फायदेमंद रहा क्योंकि सांप को सामने देख उन्हें यह समझने में आसानी हुई कि वह कितना जहरीला है और कौन सा एंटी-वेनम (Anti-venom) देना सही रहेगा।
डॉक्टरों का बयान: खतरे से बाहर है युवक
मुकेश का इलाज कर रहे डॉक्टरों ने बताया कि समय पर अस्पताल पहुंच जाने और सही पहचान होने के कारण उसे बचा लिया गया है। फिलहाल उसकी स्थिति स्थिर है और वह खतरे से बाहर है।
अंधविश्वास बनाम विज्ञान: चर्चा का विषय
इस घटना ने स्थानीय इलाके में अंधविश्वास को लेकर एक नई बहस छेड़ दी है। लोग मुकेश के “सपने वाली कहानी” को लेकर तरह-तरह की चर्चा कर रहे हैं। हालांकि, बुद्धिजीवियों और डॉक्टरों ने अपील की है कि लोग इस तरह के भ्रामक सपनों और अंधविश्वासों के चक्कर में न पड़ें। सांप एक वन्यजीव है और उसे दूध पिलाने जैसी कोशिशें जानलेवा साबित हो सकती हैं।
द वॉयस ऑफ बिहार की अपील: सांप दिखने पर उसे दूध पिलाने या पकड़ने की कोशिश न करें। यदि सांप काट ले, तो झाड़-फूंक के चक्कर में समय बर्बाद किए बिना सीधे नजदीकी अस्पताल पहुँचें।
ब्यूरो रिपोर्ट, द वॉयस ऑफ बिहार।


