बिहार से चीन को निर्यात हुआ 5 टन मिथिला मखाना, मखाना का वैश्विक बाजार में बढ़ा दबदबा

बिहार राज्य मत्स्यजीवी सहकारी संघ ने हाल ही में 5 टन उच्च गुणवत्ता वाला मिथिला मखाना चीन की कंपनी मांजिंग रॉयल इक्विप्मेंट को निर्यात किया। यह निर्यात पटना स्थित आईसीडी (इंटरमॉडाल कंटेनर डिपो) के माध्यम से किया गया है। मिथिला मखाना का निर्यात पहले से ही कई देशों में हो रहा है, जिनमें अमेरिका, ऑस्ट्रेलिया, कनाडा, यूएई, बेल्जियम, दुबई, कतर, सऊदी अरब, लंदन और गल्फ कंट्री शामिल हैं। अब चीन भी इन देशों में जुड़ गया है, जिससे बिहार के मखाना की वैश्विक मांग और बढ़ गई है।

निर्यात का विस्तार:

बिहार से हर महीने 50 से 60 कंटेनर मखाना का निर्यात किया जाता है। इस अवसर पर कृषि मंत्री राम कृपाल यादव ने मखाना से भरे कंटेनर को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इस निर्यात को लेकर कॉफ्फेड के प्रबंध निदेशक ऋषिकेश कश्यप ने कहा कि यह निर्यात बिहार के मखाना उत्पादक मछुआरों की मेहनत और गुणवत्ता का प्रमाण है। उन्होंने यह भी कहा कि कॉफ्फेड का उद्देश्य अंतरराष्ट्रीय बाजार में बिहार के उत्पादों को स्थापित करना है और भविष्य में मखाना, मत्स्य उत्पाद तथा अन्य कृषि आधारित उत्पादों का निर्यात बढ़ाने का लक्ष्य है।

ऋषिकेश कश्यप ने यह भी बताया कि इस निर्यात की सफलता में “रूट टू लीफ”, गुजरात की प्रतिष्ठित कंपनी, का महत्वपूर्ण योगदान है, जो चीन की कंपनी और कॉफ्फेड के बीच एक प्रमुख कड़ी बनी है।

बिहार के मखाना उत्पादकों को फायदा:

इस निर्यात से बिहार के मखाना उत्पादक मछुआरों को बेहतर बाजार और उचित मूल्य मिलने की उम्मीद है। इसके अलावा, सहकारी समितियों के माध्यम से हजारों मछुआरों को प्रत्यक्ष लाभ मिलेगा, राज्य में रोजगार सृजन होगा और निर्यात आधारित उद्योग को प्रोत्साहन मिलेगा। यह कदम ‘वोकल फॉर लोकल’ और ‘मेक इन इंडिया’ अभियानों को भी मजबूती प्रदान करेगा।

बिहार को मखाना निर्यात हब के रूप में स्थापित करने की दिशा में यह एक महत्वपूर्ण कदम है। कॉफ्फेड से जुड़ी 880 से अधिक सहकारी समितियां और लाखों सदस्य इस पहल से लाभान्वित होंगे।

अमेरिका और चीन में निर्यात की संभावनाएं:

अमेरिका को करीब 150 टन मखाना निर्यात हो रहा है, जो आने वाले समय में बढ़कर 250 टन तक पहुंचने की संभावना है। वहीं, चीन में मखाना निर्यात के बढ़ने की संभावना को देखते हुए इस बाजार में भी बड़ी मांग का अनुमान है।

भारत सरकार द्वारा मखाना क्षेत्र के विकास के लिए मखाना बोर्ड का गठन किया गया है, जिससे मखाना के उत्पादन, प्रोसेसिंग और बाजार तक पहुंचाने में और मदद मिलेगी। मिथिला मखाना अब सुपर फूड के रूप में वैश्विक पहचान बना चुका है, और इसकी डिमांड दुनियाभर में बढ़ रही है।

इस कदम से बिहार के मखाना उद्योग को एक नई दिशा और बढ़ावा मिलेगा, और मखाना के निर्यात में भारत का प्रमुख स्थान और मजबूत होगा।

  • Related Posts

    भागलपुर में ‘नशामुक्त बिहार’ की अलख: पुलिस सप्ताह पर SSP और सिटी SP ने लगाई दौड़; ललमटिया से पुलिस केंद्र तक उमड़ा जनसैलाब

    Share Add as a preferred…

    Continue reading