आरा/भोजपुर | 22 फरवरी, 2026: बिहार के भोजपुर जिले में खुशियों वाले एक घर में उस समय मातम पसर गया जब शादी की रस्मों के बीच ही रिश्ता टूट गया। मुफस्सिल थाना क्षेत्र के एक रिसॉर्ट में आयोजित विवाह समारोह में जयमाला से ठीक पहले दुल्हन के बेहोश होने पर दूल्हा पक्ष ने संवेदनशीलता दिखाने के बजाय शादी से इनकार कर दिया और बारात वापस लेकर लौट गए।
खुशियों के बीच अचानक मची अफरा-तफरी
जानकारी के अनुसार, गजराजगंज ओपी क्षेत्र के एक युवक की शादी 20 फरवरी को मुफस्सिल थाना क्षेत्र की रहने वाली 20 वर्षीय युवती से तय थी। शादी की सभी रस्में शांतिपूर्ण तरीके से चल रही थीं। बारात दरवाजे पर लग चुकी थी और जयमाला की तैयारी थी।
- भावुक पल और बेहोशी: जैसे ही दुल्हन को जयमाला के लिए स्टेज पर ले जाने की तैयारी हुई, वह अचानक भावुक हो गई और उसे चक्कर आ गया।
- अस्पताल में भर्ती: परिजन आनन-फानन में दुल्हन को आरा सदर अस्पताल ले गए। डॉक्टरों ने जांच के बाद बताया कि अत्यधिक कमजोरी और थकान के कारण उसे चक्कर आया था और उसकी स्थिति खतरे से बाहर है।
इंतजार के बदले मिला इनकार: वापस लौटी बारात
एक तरफ जहाँ लड़की पक्ष के लोग अस्पताल में अपनी बेटी की सलामती की दुआ कर रहे थे, वहीं दूसरी तरफ दूल्हा पक्ष ने संवेदनहीनता की पराकाष्ठा पार कर दी।
- शादी से इनकार: डॉक्टरों द्वारा दुल्हन को सामान्य बताए जाने के बावजूद, दूल्हा और उसके परिजनों ने शादी आगे बढ़ाने से मना कर दिया।
- दहेज की बाइक वापस: दूल्हा पक्ष ने न केवल शादी तोड़ी, बल्कि उपहार और दहेज में दी गई मोटरसाइकिल भी वापस भेज दी और बिना दुल्हन लिए घर लौट गए।
लड़की पक्ष की व्यथा: “लाखों खर्च हुए, अब न्याय चाहिए”
घटना के बाद लड़की के घर में सन्नाटा पसरा है और परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।
- पिता का आरोप: पीड़ित पिता का कहना है कि उन्होंने शादी की तैयारियों में अपनी पूरी जमा-पूंजी (लाखों रुपये) लगा दी थी। दूल्हा पक्ष ने बिना किसी ठोस कारण के रिश्ता तोड़कर उनकी सामाजिक प्रतिष्ठा को ठेस पहुंचाई है।
- कानूनी कार्रवाई: परिजनों ने मामले की सूचना पुलिस को दी है। पीड़िता का परिवार अब इस धोखे के खिलाफ न्याय की मांग कर रहा है।
पुलिस की भूमिका
मुफस्सिल थाना पुलिस ने मामले का संज्ञान लिया है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि दोनों पक्षों से जानकारी ली जा रही है। शादी टूटने के पीछे के कारणों और दहेज से जुड़े पहलुओं की गंभीरता से जांच की जाएगी ताकि पीड़ित पक्ष को उचित कानूनी सहायता मिल सके।


