कहलगांव में गूंजी शहनाई: 8 जोड़ों ने एक साथ लिए सात फेरे, विधायक ने दिया आशीर्वाद; उपहारों से संवरी बेटियों की नई गृहस्थी

कहलगांव (भागलपुर) | 22 फरवरी, 2026: सामाजिक समरसता और परोपकार की अनूठी मिसाल पेश करते हुए कहलगांव के बैद्यनाथ मोहनलाल रूंगटा स्मृति भवन में शनिवार को 16वें सामूहिक विवाह महोत्सव का भव्य आयोजन किया गया। इस गौरवशाली अवसर पर 8 जोड़ों ने अग्नि को साक्षी मानकर एक-दूसरे के साथ सात जन्मों तक निभाने का प्रण लिया। इस समारोह ने न केवल आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों को संबल दिया, बल्कि समाज में सादगी और सहयोग का संदेश भी प्रसारित किया।

​विधायक इंजीनियर शोभानंद मुकेश ने किया कन्यादान का सम्मान

​समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में स्थानीय विधायक इंजीनियर शोभानंद मुकेश शामिल हुए। उन्होंने सभी नवविवाहित जोड़ों को आशीर्वाद दिया और आयोजकों की सराहना करते हुए कहा कि कन्यादान दुनिया का सबसे बड़ा महादान है।

​विधायक ने कहा कि यह संस्था पिछले 16 वर्षों से निरंतर यह पुण्य कार्य कर रही है, जो सराहनीय है। उन्होंने समाज से अपील की कि इस तरह की सामाजिक चेतना हर वर्ग में जागृत होनी चाहिए ताकि निर्धन परिवारों की बेटियों का विवाह भी सम्मानजनक तरीके से संपन्न हो सके।

​भव्य आयोजन और शानदार व्यवस्था

​बिहार प्रादेशिक मारवाड़ी सम्मेलन, कहलगांव के सचिव बृजेश शाह ने आयोजन के उद्देश्यों पर प्रकाश डालते हुए बताया कि हमारा लक्ष्य है कि आर्थिक रूप से कमजोर परिवार भी अपने बच्चों की शादी शान-ओ-शौकत के साथ कर सकें।

  • भोजन व्यवस्था: कार्यक्रम में आधुनिक और लजीज व्यंजनों का मेनू रखा गया था, ताकि मेहमानों और बारातियों का स्वागत यादगार रहे।
  • उपहार और सामग्री: प्रत्येक कन्या को सोने और चांदी के आभूषणों के साथ-साथ गृहस्थी का संपूर्ण सामान दिया गया। इसमें गोदरेज (अलमारी), ड्रेसिंग टेबल, कुर्सी, किचन सेट और अन्य आवश्यक घरेलू वस्तुएं शामिल रहीं।

​पारदर्शिता और चयन प्रक्रिया

​व्यवस्थापक संदीप लाल रूंगटा ने इस कार्य को भागवत पुराण के पुण्य से भी बढ़कर बताया। उन्होंने स्पष्ट किया कि सामूहिक विवाह के लिए जोड़ों का चयन एक पारदर्शी प्रक्रिया के तहत किया जाता है:

  1. सत्यापन: लड़का और लड़की की उम्र का कड़ाई से सत्यापन किया जाता है।
  2. स्थानीय पुष्टि: संबंधित क्षेत्र के मुखिया से परिवार की पृष्ठभूमि सत्यापित कराई जाती है।
  3. विवाद मुक्त: किसी भी प्रकार के विवादित या संदिग्ध जोड़े का विवाह यहाँ संपन्न नहीं कराया जाता है। इस वर्ष एकचारी, महागामा, सनोखर, नवगछिया और मनिहारी क्षेत्र से आए 8 जोड़ों का परिणय सूत्र में मिलन कराया गया।

​सहयोगी संस्थाएं

​इस सामूहिक विवाह को सफल बनाने में श्री श्याम बाल मंडल सेवा ट्रस्ट, श्री चावो वीरो दादी परिवार कहलगांव और सेवा भारती जैसी संस्थाओं ने सामग्री उपलब्ध कराकर महत्वपूर्ण योगदान दिया।

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