जहानाबाद | 22 फरवरी, 2026: बिहार सरकार की शिक्षा व्यवस्था को आधुनिक और प्रभावी बनाने की मुहिम अब जमीन पर रंग ला रही है। इसी कड़ी में जहानाबाद जिले के गांधी इंटर विद्यालय, कृष्णाश्रम (सिकरिया) में आयोजित “सुरक्षित शनिवार” कार्यक्रम में एक बेहद मानवीय और प्रेरणादायक दृश्य देखने को मिला। जिला शिक्षा पदाधिकारी (DEO) सरस्वती कुमारी न केवल इस कार्यक्रम का हिस्सा बनीं, बल्कि उन्होंने बच्चों के साथ खेलकर यह साबित किया कि एक शिक्षक या अधिकारी को बच्चों के करीब होना क्यों जरूरी है।
बच्चों के आत्मविश्वास ने जीता डीईओ का दिल
कार्यक्रम के दौरान डीईओ सरस्वती कुमारी ने बच्चों के साथ सीधा संवाद स्थापित किया। उन्होंने “सुरक्षित शनिवार” के उद्देश्यों और विभिन्न आपदाओं से बचाव के तरीकों पर बच्चों से सवाल किए। विद्यालय के छात्र-छात्राओं ने जिस आत्मविश्वास और सटीक तरीके से उत्तर दिए, उससे डीईओ काफी प्रभावित नजर आईं। उन्होंने बच्चों की मेधा की सराहना करते हुए उनका उत्साहवर्धन किया।
पढ़ाई के साथ खेल: सर्वांगीण विकास का मंत्र
इस आयोजन का सबसे खास पल वह रहा जब डीईओ सरस्वती कुमारी ने प्रोटोकॉल किनारे रख बच्चों के साथ खेल गतिविधियों में भाग लिया। बच्चों के साथ खेलते हुए उन्होंने एक बड़ा संदेश दिया कि शिक्षा केवल किताबों और चारदीवारी तक सीमित नहीं रहनी चाहिए।
उन्होंने उपस्थित शिक्षकों और अभिभावकों को संबोधित करते हुए कहा कि स्वस्थ शरीर में ही स्वस्थ मस्तिष्क का निवास होता है। पढ़ाई के साथ-साथ खेलकूद और अन्य रचनात्मक गतिविधियां बच्चों के मानसिक और शारीरिक संतुलन के लिए अनिवार्य हैं।
शिक्षकों से अपील: भयमुक्त वातावरण दें
सरस्वती कुमारी ने शिक्षकों से विशेष अपील की कि वे विद्यालयों में ऐसा सकारात्मक और भयमुक्त वातावरण तैयार करें जहाँ बच्चे अपनी जिज्ञासाओं को खुलकर साझा कर सकें। उन्होंने गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के साथ-साथ बच्चों को नवाचार और खेल की ओर प्रेरित करने पर जोर दिया।
कार्यक्रम का प्रभाव
“सुरक्षित शनिवार” के इस आयोजन ने गांधी इंटर विद्यालय के बच्चों में एक नई ऊर्जा का संचार किया है। पूरे परिसर में उत्साह और उमंग का माहौल रहा। शिक्षा विभाग की इस सक्रियता से न केवल बच्चों के चेहरे पर मुस्कान दिखी, बल्कि समाज में भी यह संदेश गया कि सरकारी शिक्षा तंत्र अब संवेदनशीलता के साथ बदलाव की ओर अग्रसर है।


