पटना | 21 फरवरी, 2026: बिहार के मुख्यमंत्री श्री नीतीश कुमार ने शनिवार को राज्य के किसानों के लिए एक बड़ी राहत की घोषणा की है। पटना स्थित ‘संकल्प सभागार’ में आयोजित एक उच्चस्तरीय कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने कृषि इनपुट अनुदान योजना के अंतर्गत रिमोट दबाकर ₹100 करोड़ से अधिक की राशि डीबीटी (DBT) के माध्यम से सीधे किसानों के बैंक खातों में हस्तांतरित की।
बाढ़ और ‘मोथा’ तूफान की मार, अब सरकार का साथ
यह राशि उन किसानों को प्रदान की गई है जिनकी फसलें वर्ष 2025 में हुई अत्यधिक वर्षा, बाढ़ और ‘मोथा’ तूफान के कारण क्षतिग्रस्त हो गई थीं। मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम के दौरान कहा कि किसान इस सहायता राशि का उपयोग अपनी आगामी फसलों की तैयारी और अन्य कृषि कार्यों के लिए कर सकेंगे।
“राज्य के खजाने पर बाढ़ पीड़ितों का पहला अधिकार है। हमारी सरकार किसानों की तरक्की और उन्हें हर संभव सहायता उपलब्ध कराने हेतु पूरी तरह प्रतिबद्ध है।”
— श्री नीतीश कुमार, मुख्यमंत्री, बिहार
अनुदान वितरण का सांख्यिकीय विवरण
फसल क्षतिपूर्ति की इस पूरी प्रक्रिया को पारदर्शी बनाने के लिए कृषि विभाग द्वारा ऑनलाइन आवेदन प्राप्त किए गए थे, जिनका जिला स्तर पर सत्यापन किया गया।
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विवरण |
आंकड़े |
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कुल लाभान्वित किसान |
2 लाख 2 हजार |
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कुल हस्तांतरित राशि |
₹113 करोड़ 16 लाख |
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प्रभावित जिले |
13 जिले |
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प्रभावित प्रखंड और पंचायत |
53 प्रखंड और 493 पंचायतें |
इन 13 जिलों के किसानों को मिला सीधा लाभ
वर्ष 2025 की प्राकृतिक आपदाओं से राज्य के निम्नलिखित जिले सबसे अधिक प्रभावित हुए थे, जहाँ के सत्यापित किसानों को आज यह अनुदान राशि भेजी गई है:
- बेगूसराय, भोजपुर और दरभंगा
- गयाजी, कैमूर और किशनगंज
- मधेपुरा, मधुबनी और मुजफ्फरपुर
- पूर्वी चम्पारण, शिवहर, सीतामढ़ी एवं सुपौल
कार्यक्रम में मौजूद प्रमुख व्यक्तित्व
इस महत्वपूर्ण अवसर पर बिहार सरकार के कई वरिष्ठ मंत्री और प्रशासनिक अधिकारी संकल्प सभागार में उपस्थित रहे:
- उप मुख्यमंत्री: श्री सम्राट चौधरी एवं श्री विजय कुमार सिन्हा
- कृषि मंत्री: श्री रामकृपाल यादव
- वरीय अधिकारी: मुख्य सचिव श्री प्रत्यय अमृत, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव श्री दीपक कुमार, और कृषि विभाग के प्रधान सचिव श्री नर्मदेश्वर लाल
कार्यक्रम की शुरुआत में कृषि विभाग के प्रधान सचिव ने मुख्यमंत्री का स्वागत हरित पौधा भेंट कर किया। इस पहल से उम्मीद जताई जा रही है कि प्रभावित किसानों को आगामी खेती के सीजन में आर्थिक मजबूती मिलेगी।
ब्यूरो रिपोर्ट, द वॉयस ऑफ बिहार।


