भैरवस्थान | 21 फरवरी, 2026: मधुबनी जिले के भैरवस्थान थाना क्षेत्र अंतर्गत संतनगर पंचायत में शनिवार को उस समय रणक्षेत्र जैसी स्थिति बन गई, जब प्रधानमंत्री आवास योजना (PMAY) की जांच करने पहुँचे अधिकारियों पर ग्रामीणों का गुस्सा फूट पड़ा। सर्वेक्षण सूची की प्रखंड स्तरीय जांच के लिए नामित आवास सहायक प्रमोद कुमार महतो और राजकुमार मुखिया की ग्रामीणों ने जमकर धुनाई कर दी।
इतना ही नहीं, दोनों कर्मियों को संतनगर पंचायत सरकार भवन में करीब एक घंटे तक बंधक बनाकर रखा गया। ग्रामीणों के आक्रोश को देखते हुए इलाके में भारी तनाव व्याप्त है।
रिश्वतखोरी के आरोपों ने भड़काई हिंसा
घटना का मुख्य कारण सर्वेक्षण सूची में नाम बरकरार रखने के बदले कथित तौर पर रुपयों की उगाही बताया जा रहा है।
- ग्रामीणों का दावा: इमादपट्टी और संतनगर के ग्रामीणों (मुकेश मंडल, आनंद चौधरी, ललिता देवी, मीणा देवी आदि) ने आरोप लगाया है कि इन आवास सहायकों ने सूची में नाम रहने देने के नाम पर प्रति व्यक्ति 1,000 रुपये की अवैध वसूली की थी।
- लिखित शिकायत: दर्जनों ग्रामीणों ने भैरवस्थान पुलिस को लिखित आवेदन देकर बताया कि प्रथम सर्वेक्षण से लेकर अब तक उनसे कई बार 500 से 1,000 रुपये तक लिए गए हैं।
फिल्मी अंदाज में ‘किडनैपिंग’ और पिटाई
आवास सहायकों ने आपबीती सुनाते हुए बताया कि वे बीडीओ के निर्देश पर इमादपट्टी गांव में जांच के लिए गए थे।
- हमला: जांच के दौरान दो बाइक पर सवार 4-5 लोग आए और उनके साथ मारपीट शुरू कर दी।
- बंधक: एक ग्रामीण जबरन आवास सहायक की बाइक पर बैठ गया और दोनों को उठाकर संतनगर पंचायत भवन ले आया।
- बंधक स्थिति: वहां पहले से मौजूद भीड़ ने भी उनके साथ मारपीट की। भैरवस्थान पुलिस ने मौके पर पहुँचकर बड़ी मुश्किल से दोनों को भीड़ के चंगुल से छुड़ाया और सुरक्षित थाने लाया।
प्रशासनिक प्रतिक्रिया और हड़ताल की चेतावनी
बीडीओ का रुख: बीडीओ पंकज कुमार दीक्षित ने घटना की कड़े शब्दों में निंदा की है। उन्होंने कहा:
”यह घटना अत्यंत आपत्तिजनक है। यदि रिश्वत की कोई शिकायत थी, तो ग्रामीणों को लिखित आवेदन देना चाहिए था, जिसकी जांच कर कार्रवाई की जाती। कानून को हाथ में लेना बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।”
आवास सहायक संघ का आक्रोश:
घटना के विरोध में आवास सहायक संघ ने आपातकालीन बैठक की। अध्यक्ष सुजीत कुमार झा ने घोषणा की है कि जब तक इस घटना में शामिल आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं होती और कर्मियों को सुरक्षा नहीं मिलती, तब तक सभी काम ठप रखेंगे।


