भागलपुर | 21 फरवरी, 2026: भागलपुर जिले के कुछ हिस्सों में कौवों की मौत और उनमें बर्ड फ्लू की पुष्टि के बाद आम लोगों के मन में चिकन और अंडे के सेवन को लेकर बनी आशंकाओं पर विराम लग गया है। जिला पशुपालन विभाग ने स्पष्ट किया है कि जिले में चिकन और अंडे का सेवन पूरी तरह सुरक्षित है और इससे घबराने की कोई जरूरत नहीं है।
जिला पशुपालन पदाधिकारी डॉ. अंजली कुमारी ने आम जनता को आश्वस्त करते हुए कहा कि कौवों में संक्रमण मिलने का असर पॉल्ट्री फार्म की मुर्गियों पर नहीं पड़ा है।
“बेफिक्र होकर करें चिकन-अंडे का सेवन”
डॉ. अंजली कुमारी ने बताया कि जिले के तमाम पॉल्ट्री फार्म और चिकन सेंटर फिलहाल सुरक्षित हैं। उन्होंने कहा:
”आम लोग बेफिक्र होकर चिकन और अंडे का सेवन कर सकते हैं। वैज्ञानिक रूप से अच्छी तरह पकाकर (Properly Cooked) खाया गया चिकन और अंडा स्वास्थ्य के लिए कोई खतरा पैदा नहीं करता। कौवों में बर्ड फ्लू मिलना एक अलग मामला है और विभाग स्थिति पर पैनी नजर रख रहा है।”
पॉल्ट्री केंद्रों पर बढ़ाई गई चौकसी: बरारी में ‘हाई अलर्ट’
संक्रमण को मुर्गियों तक पहुँचने से रोकने के लिए विभाग ने कड़े सुरक्षा इंतजाम किए हैं।
- बरारी क्षेत्रीय कुक्कुट पालन केंद्र: यहाँ करीब 3600 चूजों का पालन किया जा रहा है। पिछले दो महीनों से यहाँ सुरक्षा के कड़े प्रोटोकॉल लागू हैं।
- PPE किट अनिवार्य: चूजा पालन क्षेत्र में जाने वाले मजदूरों के लिए पीपीई (PPE) किट पहनना अनिवार्य कर दिया गया है। बिना सुरक्षा कवच के किसी को भी प्रवेश की अनुमति नहीं है।
रिपोर्ट्स का इंतजार: नवगछिया में पुष्टि, भागलपुर की रिपोर्ट लंबित
जिले में बर्ड फ्लू की वर्तमान स्थिति को लेकर डॉ. अंजली ने विस्तृत जानकारी साझा की:
- नवगछिया: यहाँ से भेजे गए सैंपल की रिपोर्ट में बर्ड फ्लू की पुष्टि हुई है।
- सुल्तानगंज और भागलपुर शहर: यहाँ से लिए गए सैंपल को जाँच के लिए पटना के रास्ते भोपाल भेजा गया है। इन दोनों जगहों की रिपोर्ट का अभी इंतजार किया जा रहा है।
सावधानी के तौर पर विभाग के सुझाव
हालाँकि संक्रमण का असर मुर्गियों पर नहीं है, फिर भी विशेषज्ञों ने कुछ बुनियादी सावधानियां बरतने की सलाह दी है:
- चिकन और अंडे को उच्च तापमान पर अच्छी तरह उबालकर या पकाकर ही खाएं।
- कच्चे मांस को छूने के बाद हाथों को साबुन से अच्छी तरह धोएं।
- यदि आसपास असामान्य संख्या में पक्षियों या कौवों की मौत दिखे, तो तुरंत स्थानीय पशु चिकित्सालय को सूचित करें।


