बिक्रमगंज (रोहतास) | 21 फरवरी, 2026: रोहतास जिले के मठिया गांव में हुई पांच लोगों की संदिग्ध मौत का मामला अब एक ऐसी गुत्थी बन गया है, जिसे सुलझाने में प्रशासन के पसीने छूट रहे हैं। 14 फरवरी की रात तिलक समारोह की खुशियों के बाद मातम में बदले इस घटनाक्रम में अब डॉक्टर के दावे और पीड़ित पिता के बयान ने पुलिस और उत्पाद विभाग की थ्योरी को कटघरे में खड़ा कर दिया है।

पिता का बेबाक बयान: “मेरा बेटा शराब पीता था, कुत्ता काटने से कैसे मरेगा?”
जहाँ प्रशासन इस मामले में शराब के एंगल को सिरे से नकार रहा है, वहीं मृतक लल्लू सिंह के पिता राम पूजन सिंह ने चौंकाने वाला बयान दिया है। उन्होंने सीधे तौर पर शराब की ओर इशारा करते हुए कहा:
”मेरा बेटा अक्सर शराब पीता था और उस रात भी उसने शराब पी होगी। कुत्ता काटने से कोई इतनी जल्दी कैसे मर सकता है? शराब ही उसकी मौत की असली वजह है।”
डॉक्टर का सनसनीखेज खुलासा: “झूठ बोलकर लाया गया था मरीज”
इस रहस्यमयी मामले में सबसे बड़ा मोड़ बिक्रमगंज के एक निजी क्लिनिक के डॉक्टर के सोशल मीडिया पोस्ट से आया है। डॉक्टर ने खुलासा किया कि:
- गलत जानकारी: 16 फरवरी की सुबह जब मरीज (लल्लू सिंह) को अस्पताल लाया गया, तो परिजनों ने बताया कि उसे कुत्ते ने काटा है।
- संदेह: डॉक्टर के अनुसार, मरीज की हालत और लक्षण (Symptoms) कुत्ते के काटने वाले नहीं थे। संदेह होने पर उन्होंने तुरंत उसे हायर सेंटर रेफर कर दिया।
- चेतावनी: डॉक्टर ने आशंका जताई है कि यह जहरीली शराब का मामला हो सकता है, जिससे किडनी और लीवर फेल हो जाते हैं। उन्होंने अपील की है कि जिसने भी उस रात संदिग्ध पेय पदार्थ पिया है, वह तुरंत जांच कराए।
प्रशासन का रुख: “शराब के सबूत नहीं मिले”
एक तरफ जहाँ पिता और डॉक्टर शराब की आशंका जता रहे हैं, वहीं उत्पाद विभाग के सहायक आयुक्त तारिक महमूद ने इन दावों को खारिज कर दिया है। उनका कहना है कि:
- परिजनों ने शुरुआती पूछताछ में शराब की बात को अफवाह बताया था।
- घटनास्थल से शराब की बोतलें या अन्य कोई ठोस सबूत बरामद नहीं हुए हैं।
- विभागीय जांच में अभी तक जहरीली शराब की पुष्टि नहीं हुई है।
घटना का बैकग्राउंड: तिलक के बाद एक-एक कर गिरीं पांच लाशें
गौरतलब है कि 14 फरवरी को राम पूजन सिंह के घर तिलक समारोह था। इसके बाद 16 फरवरी से मौत का सिलसिला शुरू हुआ:
- लल्लू सिंह: राम पूजन सिंह का पुत्र।
- अभिजीत सिंह और राहुल कुमार: मृतक के रिश्तेदार।
- दो बावर्ची: समारोह में खाना बनाने आए कर्मी।
इन पांचों की मौत के बाद पूरे इलाके में ‘जहरीली शराब’ की चर्चा आग की तरह फैल गई है।
द वॉयस ऑफ बिहार के सवाल:
- अगर यह कुत्ता काटने का मामला था, तो एक साथ पांच लोगों की मौत (जिसमें बावर्ची और रिश्तेदार भी शामिल हैं) कैसे हुई?
- क्या प्रशासन पर आंकड़ों को छिपाने का दबाव है, इसलिए शराब के एंगल को नकारा जा रहा है?
- क्या डॉक्टर की चेतावनी के बाद उन अन्य लोगों की तलाश की जाएगी जिन्होंने उस रात समारोह में शिरकत की थी?
निष्कर्ष: मठिया गांव की इन मौतों के पीछे की असली सच्चाई पोस्टमार्टम रिपोर्ट और विसरा जांच के बाद ही साफ हो पाएगी। लेकिन फिलहाल, डॉक्टर और पिता के बयानों ने इस मामले को ‘ठंडे बस्ते’ में जाने से रोक दिया है।
ब्यूरो रिपोर्ट, द वॉयस ऑफ बिहार।


