भागलपुर | 21 फरवरी, 2026: बिहार बोर्ड की मैट्रिक परीक्षा के चौथे दिन जहाँ एक ओर प्रशासन ‘कदाचार मुक्त परीक्षा’ का दावा कर रहा है, वहीं दूसरी ओर भागलपुर से आई कुछ तस्वीरें प्रशासनिक दावों और इंतजामों की पोल खोल रही हैं। गंगा किनारे स्थित भागलपुर सिटी कॉलेज परीक्षा केंद्र पर पहुँचने के लिए छात्र-छात्राओं को मौत के साये से गुजरना पड़ रहा है।
20 फीट की खाई और कच्चा सहारा
भागलपुर सिटी कॉलेज को इस बार भी बड़ा परीक्षा केंद्र बनाया गया है, लेकिन यहाँ पहुँचने के लिए कोई पक्की सड़क नहीं है। परीक्षार्थियों के पास केवल एक ही रास्ता है— ‘चचरी पुल’ (बांस का कच्चा पुल)।
- खतरा: यह पुल एक लगभग 20 फीट गहरी खाई के ऊपर बना है।
- स्थिति: पुल की क्षमता बेहद कम है, जबकि परीक्षा के समय इस पर सैकड़ों परीक्षार्थियों और शिक्षकों का दबाव एक साथ पड़ता है।
- जोखिम: संतुलन बिगड़ने या भारी दबाव के कारण पुल टूटने की स्थिति में बड़ी जनहानि हो सकती है।
प्रशासनिक सजगता पर सवाल
परीक्षा के चौथे दिन, शनिवार को पहली और दूसरी पाली में सामाजिक विज्ञान की परीक्षा आयोजित की गई। जिले में सुरक्षा के कड़े इंतजाम हैं, मजिस्ट्रेट तैनात हैं, लेकिन केंद्र के बाहर की इस ‘खतरनाक राह’ पर किसी की नजर नहीं गई।
”परीक्षा देना हमारे भविष्य के लिए जरूरी है, लेकिन सेंटर पहुँचने का यह रास्ता डराता है। अगर भीड़ के कारण किसी का पैर फिसला, तो सीधे 20 फीट नीचे खाई में गिरेंगे। क्या विभाग किसी हादसे का इंतजार कर रहा है?”
— एक चिंतित परीक्षार्थी
अभिभावकों में भारी आक्रोश
सेंटर के बाहर खड़े अभिभावकों ने जिला प्रशासन के खिलाफ कड़ी नाराजगी जाहिर की है। उनका कहना है कि जब पता था कि हजारों बच्चों का सेंटर यहाँ है, तो कम से कम एक सुरक्षित वैकल्पिक रास्ता या चचरी पुल की मजबूती सुनिश्चित की जानी चाहिए थी। स्थानीय लोगों ने मांग की है कि परीक्षा समाप्त होने तक यहाँ सुरक्षा कर्मियों की तैनाती की जाए ताकि पुल पर भीड़ को नियंत्रित किया जा सके।
हादसे की आशंका: प्रशासन को चाहिए त्वरित कार्रवाई
परीक्षा केंद्र तक पहुँचने का यह संकरा रास्ता न केवल छात्रों बल्कि ड्यूटी पर तैनात शिक्षकों के लिए भी सिरदर्द बना हुआ है। ‘द वॉयस ऑफ बिहार’ के माध्यम से हम जिला प्रशासन और शिक्षा विभाग का ध्यान इस ओर आकर्षित करना चाहते हैं:
- वैकल्पिक रास्ता: क्या इस खाई के पास कोई वैकल्पिक सुरक्षित मार्ग बनाया जा सकता है?
- भीड़ नियंत्रण: पुल के पास बैरिकेडिंग और पुलिस बल लगाया जाए ताकि एक बार में सीमित लोग ही पुल पार करें।
- स्थायी समाधान: सिटी कॉलेज जैसे प्रमुख संस्थानों के लिए पक्की सड़क का निर्माण प्राथमिकता पर क्यों नहीं है?


