भागलपुर (नाथनगर) | 21 फरवरी, 2026: धर्म और आस्था के उत्सव में जब कानून की धज्जियां उड़ने लगें, तो वह भक्ति नहीं बल्कि अराजकता बन जाती है। ताजा मामला भागलपुर के नाथनगर थाना क्षेत्र का है, जहाँ महाशिवरात्रि के पावन अवसर पर निकाली गई शिव बारात में एक युवक सरेआम देसी कट्टा लहराते हुए नाचता नजर आया। इस घटना का वीडियो अब सोशल मीडिया पर आग की तरह फैल रहा है, जिसने पुलिसिया चौकसी और सुरक्षा व्यवस्था की पोल खोल दी है।
डीजे की धुन, हाथों में कट्टा और लापरवाही का ‘डांस’
चश्मदीदों और वायरल वीडियो के अनुसार, शिव बारात के दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालु और युवा डीजे की धुन पर झूम रहे थे। इसी बीच भीड़ में शामिल एक युवक ने अपनी कमर से देसी कट्टा निकाला और उसे हवा में लहराते हुए ठुमके लगाने लगा।
- खौफनाक मंजर: जहाँ एक ओर लोग भगवान शिव की भक्ति में लीन थे, वहीं दूसरी ओर यह युवक सरेआम मौत का सामान लहरा रहा था।
- सुरक्षा में सेंध: भीड़भाड़ वाले धार्मिक जुलूस में इस तरह हथियार का प्रदर्शन किसी बड़ी अनहोनी को न्योता दे सकता था।
सोशल मीडिया पर वायरल, पर पुलिस अब तक ‘अनजान’?
हैरानी की बात यह है कि घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर सुर्खियां बटोर रहा है, लेकिन रिपोर्ट लिखे जाने तक नाथनगर पुलिस की ओर से इस मामले में कोई ठोस कार्रवाई या प्राथमिकी दर्ज होने की सूचना नहीं है।
”धार्मिक आयोजनों में इस तरह के असामाजिक तत्वों का बढ़ता दखल कानून-व्यवस्था के लिए गंभीर खतरा है। अगर पुलिस वीडियो के आधार पर तुरंत पहचान कर कार्रवाई नहीं करती है, तो इससे अपराधियों के हौसले और बुलंद होंगे।”
— एक स्थानीय नागरिक
प्रशासन के सामने बड़ी चुनौतियां
भागलपुर पुलिस के लिए यह वीडियो एक चुनौती की तरह है। स्थानीय लोगों ने मांग की है कि:
- पहचान और गिरफ्तारी: वीडियो में दिख रहे युवक की जल्द से जल्द पहचान कर उसे गिरफ्तार किया जाए।
- लाइसेंस की जांच: क्या वह हथियार अवैध है? (वीडियो में देसी कट्टा प्रतीत हो रहा है, जो स्वतः ही गैरकानूनी है)।
- जुलूस निगरानी: भविष्य में ऐसे जुलूसों में डीजे और संदिग्ध तत्वों पर कड़ी निगरानी रखी जाए।
निष्कर्ष: आस्था के नाम पर गुंडागर्दी कब तक?
यह पहली बार नहीं है जब भागलपुर में किसी जुलूस के दौरान हथियार लहराने का मामला सामने आया हो। ‘द वॉयस ऑफ बिहार’ प्रशासन से यह सवाल पूछता है कि आखिर सार्वजनिक स्थलों पर हथियारों का यह ‘भोंडा प्रदर्शन’ कब रुकेगा? क्या पुलिस केवल वीडियो वायरल होने का इंतजार करती रहेगी या कोई कड़ी नजीर भी पेश करेगी?


