बिहार में अल्पसंख्यकों के लिए खुला खजाना: 1076 पदों पर बंपर बहाली, हर प्रखंड में बैठेंगे अधिकारी; 20 साल में 3.53 करोड़ से बढ़कर 1041 करोड़ हुआ बजट

प्रमुख अंश (Highlights):

  • रोजगार: BPSC और BSSC के जरिए भरे जाएंगे 1076 पद, प्रस्ताव भेजा गया।
  • शिक्षा: तेलंगाना की तर्ज पर बिहार में बन रहे 22 आवासीय विद्यालय; अप्रैल तक 5 नए स्कूल हो जाएंगे तैयार।
  • हाईटेक पढ़ाई: 75 मदरसों में स्मार्ट क्लास शुरू, रोजगार परक शिक्षा पर जोर।
  • मदद: तलाकशुदा महिलाओं को 25 हजार रुपए की आर्थिक सहायता।

पटना (www.voiceofbihar.in)।बिहार सरकार अल्पसंख्यक कल्याण योजनाओं को अब सीधे गांव-कस्बों तक पहुंचाने की तैयारी में है। इसके लिए राज्य के हर प्रखंड (ब्लॉक) में एक ‘प्रखंड कल्याण पदाधिकारी’ की तैनाती की जाएगी। यह जानकारी अल्पसंख्यक कल्याण मंत्री जमा खान ने शुक्रवार को पटना के सूचना भवन में आयोजित प्रेस वार्ता में दी।

​मंत्री ने बड़ा ऐलान करते हुए कहा कि विभाग में नई ऊर्जा भरने के लिए 1076 अलग-अलग पदों पर नई बहाली होने जा रही है। इसकी प्रक्रिया शुरू कर दी गई है और बिहार लोक सेवा आयोग (BPSC) तथा बिहार कर्मचारी चयन आयोग (BSSC) को पदों के अनुसार अधियाचना (Requisition) भेज दी गई है।

वैकेंसी मीटर: किस पद पर कितनी होगी बहाली?

​विभाग को जमीनी स्तर पर मजबूत करने के लिए अधिकारियों और लिपिकों की फौज तैयार की जा रही है:

  • प्रखंड अल्पसंख्यक कल्याण पदाधिकारी: 487 पद
  • निम्नवर्गीय लिपिक (समाहरणालय सेवा): 524 पद
  • छात्रावास प्रबंधक (Hostel Manager): 37 पद
  • निम्नवर्गीय लिपिक (क्षेत्रीय सेवा): 14 पद
  • निम्नवर्गीय लिपिक (मुख्यालय/सचिवालय): 8 पद
  • जिला अल्पसंख्यक कल्याण पदाधिकारी: 6 पद

शिक्षा पर फोकस: तेलंगाना के बाद बिहार देश का दूसरा राज्य

​अल्पसंख्यक छात्र-छात्राओं को उच्च स्तरीय शिक्षा का माहौल देने के लिए कक्षा 9वीं से 12वीं तक के 22 अल्पसंख्यक आवासीय विद्यालयों का निर्माण कराया जा रहा है।

  • कहां-कहां हैं स्कूल: वर्तमान में दरभंगा और किशनगंज में 2 विद्यालय चल रहे हैं।
  • अप्रैल का टारगेट: कटिहार, जमुई, कैमूर, नालंदा और मुजफ्फरपुर में 5 नए स्कूल अप्रैल तक बनकर तैयार हो जाएंगे। इसके बाद इनकी संख्या 7 हो जाएगी।
  • खास बात: तेलंगाना के बाद बिहार देश का एकमात्र ऐसा राज्य है जहां इस तरह के अल्पसंख्यक आवासीय कल्याण छात्रावास/विद्यालय बनाए जा रहे हैं। हर जिले में ऐसा स्कूल बनाने का लक्ष्य है।

मदरसों का हाईटेक अवतार: स्मार्ट क्लास और रोजगार की ट्रेनिंग

​मदरसों को सिर्फ धार्मिक शिक्षा तक सीमित न रखकर उन्हें आधुनिक बनाया जा रहा है।

  • ​राज्य के 75 मदरसों में स्मार्ट क्लास शुरू हो चुके हैं। जल्द ही यह सभी मदरसों में लागू होगा।
  • ​छात्रों को रोजगार से जोड़ने के लिए 10 व्यावसायिक सेंटर (9 अनुदानित मदरसों और 1 मौलाना मजहरूल हक अरबी-फारसी विश्वविद्यालय में) बनाए जा रहे हैं। इनमें 5 तकनीकी कोर्स ने काम करना भी शुरू कर दिया है।

सामाजिक सुरक्षा: 9 हजार कब्रिस्तानों की घेराबंदी, वक्फ की जमीनें होंगी मुक्त

​मंत्री जमा खान ने बताया कि सामाजिक स्तर पर भी कई काम हो रहे हैं:

  • तलाकशुदा महिलाओं को मदद: सरकार तलाकशुदा महिलाओं को आर्थिक संबल के रूप में 25 हजार रुपये दे रही है।
  • कब्रिस्तानों की घेराबंदी: राज्य भर में 9 हजार से ज्यादा कब्रिस्तानों की घेराबंदी का काम पूरा हो चुका है।
  • वक्फ बोर्ड की जमीन: वक्फ की जमीनों को चिह्नित कर उन्हें अतिक्रमण मुक्त (Encroachment Free) कराने का अभियान चलाया जा रहा है। इस दौरान मंत्री जमा खान ने अल्पसंख्यकों के हित में किए जा रहे कार्यों के लिए केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू की भी तारीफ की।

बजट में 300 गुना का रिकॉर्ड उछाल

​प्रेस वार्ता में मौजूद विभाग के सचिव मो. सोहेल ने बजट के आंकड़े पेश किए। उन्होंने बताया कि पिछले 20 सालों में बजट में ऐतिहासिक वृद्धि हुई है:

  • 2005-06 में बजट: मात्र 3 करोड़ 53 लाख रुपये।
  • 2024-25 में बजट: 728 करोड़ रुपये (86% राशि खर्च हुई)।
  • 2025-26 का बजट: बढ़कर 1041 करोड़ रुपये हो गया है। इसमें से अब तक 77% राशि खर्च हो चुकी है। वित्तीय वर्ष समाप्त होने तक पूरी राशि खर्च हो जाने की संभावना है।

​इस अहम प्रेस वार्ता में विशेष सचिव सह निदेशक आमिर अफाक अहमद फैजी, अपर सचिव इबरार अहमद खान व शाहिद परवेज, उप-सचिव नुरूल आईन तथा सुन्नी वक्फ बोर्ड के निदेशक समेत कई बड़े अधिकारी मौजूद रहे।

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