द वॉयस ऑफ बिहार | पटना (20 फरवरी 2026)
बिहार में सिपाही भर्ती परीक्षा में सेंधमारी का एक सनसनीखेज मामला सामने आया है। पटना में चल रही शारीरिक दक्षता परीक्षा (PET) के दौरान पुलिस ने सात ऐसे अभ्यर्थियों को गिरफ्तार किया है, जिन्होंने लिखित परीक्षा में अपनी जगह ‘सॉल्वर’ बैठाकर सफलता हासिल की थी।
कैसे हुआ फर्जीवाड़े का खुलासा?
भर्ती प्रक्रिया को पारदर्शी बनाने के लिए अपनाई गई तकनीकी जांच ने इस पूरे खेल की पोल खोल दी:
- बायोमेट्रिक मिलान: शारीरिक परीक्षा के दौरान जब अभ्यर्थियों के फोटो और बायोमेट्रिक डेटा का मिलान किया गया, तो वह लिखित परीक्षा के दौरान लिए गए डेटा से मेल नहीं खाया।
- दस्तावेजों में हेरफेर: डेटा में अंतर पाए जाने पर जब अधिकारियों ने कड़ाई से पूछताछ की, तो अभ्यर्थियों ने स्वीकार किया कि लिखित परीक्षा में उनके स्थान पर कोई और बैठा था।
- तकनीकी निगरानी: विभाग अब लिखित परीक्षा के दौरान के सभी फोटो और बायोमेट्रिक रिकॉर्ड की दोबारा जांच कर रहा है।
गिरफ्तार अभ्यर्थियों की सूची
पकड़े गए अभ्यर्थी बिहार के विभिन्न जिलों और पड़ोसी राज्य उत्तर प्रदेश से ताल्लुक रखते हैं:
- लखीसराय: रणबीर कुमार और गौतम कुमार।
- सारण (छपरा): राजेश कुमार।
- अरवल: आलोक कुमार।
- औरंगाबाद: अमित कुमार।
- जमुई: रंजन कुमार।
- गाजीपुर (UP): रितेश सिंह।
सॉल्वर गैंग के नेटवर्क पर प्रहार
पुलिस इस मामले को महज व्यक्तिगत फर्जीवाड़ा नहीं, बल्कि एक संगठित गिरोह की साजिश मान रही है:
- छापेमारी जारी: प्रारंभिक जांच के बाद पुलिस की टीमें सॉल्वर गैंग के मुख्य सरगनाओं की तलाश में कई ठिकानों पर छापेमारी कर रही हैं।
- सख्त चेतावनी: विभाग ने स्पष्ट किया है कि भर्ती प्रक्रिया में किसी भी तरह की धांधली बर्दाश्त नहीं की जाएगी और दोषियों पर कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
इस खुलासे के बाद भर्ती बोर्ड ने भविष्य की परीक्षाओं के लिए सुरक्षा और तकनीकी जांच के मानकों को और अधिक कड़ा करने का निर्णय लिया है।
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