द वॉयस ऑफ बिहार | सोनपुर/सारण (20 फरवरी 2026)
सारण जिले के सोनपुर स्थित आनंदपुर गांव में आज एक ऐसी घटना घटी जिसने न केवल पूरे गांव को बल्कि आसपास के इलाकों को भी झकझोर कर रख दिया है। एक मां और बेटे के बीच के अटूट प्रेम और वियोग की यह कहानी बेहद हृदय विदारक है, जहाँ बेटे की मौत के चंद पलों बाद ही उसकी मां ने भी अपने प्राण त्याग दिए।
किडनी की बीमारी ने ली जवान बेटे की जान
आनंदपुर निवासी जयप्रकाश राय (40 वर्ष) पिछले लंबे समय से किडनी की गंभीर बीमारी से संघर्ष कर रहे थे। गुरुवार सुबह उन्होंने अंतिम सांस ली। जयप्रकाश अपने परिवार के एकमात्र कमाऊ सदस्य थे, क्योंकि उनके पिता और भाई का निधन पहले ही हो चुका था।
बेटे के शव को देख मां ने त्यागे प्राण
जैसे ही जयप्रकाश के निधन की खबर घर में फैली, उनकी वृद्धा मां पाचो देवी बदहवास होकर कमरे में पहुँचीं।
- सदमा: अपने जवान बेटे के बेजान शरीर को देख वह फूट-फूटकर विलाप करने लगीं।
- ममता का अंत: विलाप करते-करते सदमा इतना गहरा था कि उन्होंने मौके पर ही दम तोड़ दिया।
बेसहारा हुआ मासूमों का परिवार
इस दोहरी त्रासदी ने जयप्रकाश के परिवार को पूरी तरह अनाथ और बेसहारा कर दिया है:
- दिव्यांग पत्नी: जयप्रकाश की पत्नी दिव्यांग हैं, जिन पर अब पूरे घर की जिम्मेदारी आ गई है।
- 5 मासूम बच्चे: पीछे 15 वर्ष से कम उम्र के पांच छोटे बच्चे रह गए हैं, जिनके सिर से पिता और दादी का साया एक साथ उठ गया है।
- आर्थिक संकट: भाजपा नेता नरेशु सिंह ने बताया कि जयप्रकाश मेहनत-मजदूरी कर घर का खर्च चलाते थे, अब परिवार के सामने भविष्य का बड़ा संकट खड़ा हो गया है।
काली घाट पर एक साथ हुआ अंतिम संस्कार
गुरुवार दोपहर बाद जब आनंदपुर गांव से एक साथ मां और बेटे की दो अर्थियां निकलीं, तो पूरा गांव फफक पड़ा। सोनपुर के काली घाट पर दोनों का अंतिम संस्कार एक साथ किया गया, जिसमें भारी संख्या में ग्रामीण शामिल हुए। गांव के लोग अब इस बेसहारा परिवार की मदद के लिए सरकार और प्रशासन की ओर टकटकी लगाए बैठे हैं।
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