द वॉयस ऑफ बिहार | पटना/जहानाबाद (20 फरवरी 2026)
पटना के चर्चित NEET छात्रा मौत मामले की गुत्थी सुलझाने के लिए केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) ने अपनी जांच की रफ्तार बढ़ा दी है। जांच एजेंसी अब घटना के शुरुआती चरणों में हुई पुलिसिया लापरवाही और हॉस्टल के भीतर छिपे सुरागों को जोड़ने में जुटी है।
CBI के रडार पर ‘लापरवाह’ पुलिस अफसर
गुरुवार को सीबीआई की टीम ने कदमकुआं थाना के निलंबित दारोगा हेमंत झा से करीब चार घंटे तक सघन पूछताछ की। साक्ष्यों के साथ छेड़छाड़ और लापरवाही के आरोप में हेमंत झा के साथ चित्रगुप्तनगर की थानेदार रोशनी कुमारी को भी निलंबित किया जा चुका है।
CBI के वो 3 ‘तीखे’ सवाल, जिनसे मची खलबली
सूत्रों के अनुसार, सीबीआई ने निलंबित SI से उन बुनियादी चूकों पर सवाल किए जो जांच की दिशा बदल सकती थीं:
- कपड़ों की जब्ती: छात्रा के प्रभात हॉस्पिटल पहुँचने के तुरंत बाद उसके कपड़े पुलिस ने जब्त क्यों नहीं किए?
- साक्ष्यों की कड़ी: महत्वपूर्ण साक्ष्य यानी छात्रा के कपड़े परिजनों तक कैसे पहुँचे और उन्हें वापस लेने का आधार क्या था?
- पोस्टमार्टम बनाम थ्योरी: जब पोस्टमार्टम और FSL रिपोर्ट में रेप (दुष्कर्म) की पुष्टि हो चुकी थी, तो पुलिस ने केस को ‘सुसाइड’ (आत्महत्या) किस आधार पर माना?
जहानाबाद और गया में परिजनों से पूछताछ
सीबीआई की टीम अब घटनाक्रम की ‘टाइमलाइन’ समझने के लिए परिवार के हर सदस्य से अलग-अलग बात कर रही है:
- जहानाबाद: टीम ने छात्रा के एक अन्य मामा से लंबी पूछताछ की।
- गया: छात्रा की मामी से मिलकर घटना वाले दिन की गतिविधियों की जानकारी ली गई।
हॉस्टल संचालिका और वार्डेन पर शक गहराया
छात्रा का परिवार आज भी अपने उस आरोप पर अडिग है कि सच्चाई शम्भू गर्ल्स हॉस्टल की दीवारों के पीछे दफन है।
- परिजनों की मांग: छात्रा के चाचा ने मांग की है कि हॉस्टल संचालिका, उसके बेटे और वार्डेन को आमने-सामने बैठाकर (Confrontation) पूछताछ की जाए।
- मुख्य आरोप: परिवार का मानना है कि हॉस्टल प्रबंधन को घटना की पूरी जानकारी है, जिसे छिपाया जा रहा है।
CBI की इस सक्रियता से अब उम्मीद जगी है कि जल्द ही इस मामले में कोई बड़ा खुलासा हो सकता है और दोषियों की पहचान की जा सकेगी।
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