
पटना: बिहार विधान परिषद में शुक्रवार को शिक्षा और खाद्य सुरक्षा को लेकर चर्चा के दौरान सत्तापक्ष और विपक्ष के बीच हल्की तकरार देखने को मिली। जदयू एमएलसी Neeraj Kumar और राजद एमएलसी Abdul Bari Siddiqui के बीच नोकझोंक हुई, जब विपक्ष की ओर से शिक्षा विभाग को लेकर सवाल उठाए जा रहे थे।
अब्दुल बारी सिद्दीकी ने तंज कसते हुए कहा, “नीरज जी, हम चाहते हैं कि आप मंत्री बन जाइए। बिना मंत्री बने ही बार-बार सरकार की ओर से बोल रहे हैं।” इसके जवाब में नीरज कुमार ने पलटवार किया कि उन्हें मंत्री बनने की इच्छा नहीं है, लेकिन सरकार की उपलब्धियों को सामने लाने के लिए उन्हें खड़ा होना पड़ता है।
इसी दौरान माले एमएलसी Shashi Yadav ने शिक्षा व्यवस्था पर सरकार को घेरा। उन्होंने कहा कि बिहार का शिक्षा बजट लगभग 20% है, लेकिन राज्य शिक्षा के मामले में देश में सबसे निचले पायदान पर है। उन्होंने कॉमर्स पढ़ाई को मजबूत करने, पटना विश्वविद्यालय को केंद्रीय विश्वविद्यालय का दर्जा देने और बड़े केंद्रीय शैक्षणिक संस्थान स्थापित करने की मांग की। शशि यादव ने आरोप लगाया कि कई कॉलेजों में प्रोफेसरों की भारी कमी है और पाटलिपुत्र विश्वविद्यालय में SC, ST और महिला छात्रों के लिए दी जाने वाली छूट में धांधली हो रही है।
सदन में खाद्य एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग से जुड़े मामले पर राजद एमएलसी Urmila Thakur ने कहा कि दूध, दही, मिठाई और अन्य रोजमर्रा के खाद्य उत्पादों में मिलावट हो रही है, जिससे लोग बीमार हो रहे हैं। उन्होंने सरकार से सख्त कदम उठाने की मांग की।
इस बहस में सत्ता और विपक्ष के बीच शिक्षा और खाद्य सुरक्षा जैसे अहम मुद्दों पर तीखी तकरार के साथ तंज और व्यंग्य भी देखने को मिला।


