बिहार में BISF बटालियन और हाई-सिक्योरिटी जेल का ऐलान, गृह मंत्री सम्राट चौधरी ने बताया सुधार और सुरक्षा के नए कदम

पटना: बिहार में उद्योगों और कानून-व्यवस्था को मजबूत करने के लिए केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (CISF) की तर्ज पर दो नई बटालियन BISF की गठित की जाएंगी। यह घोषणा उप मुख्यमंत्री और गृह मंत्री Samrat Chaudhary ने बिहार विधानसभा में शुक्रवार को की।

सम्राट चौधरी ने कहा कि राज्य में पुलिसिंग और सुरक्षा को बेहतर बनाने के लिए कई नए प्रयोग किए जा रहे हैं। उन्होंने बताया कि कुख्यात अपराधियों के लिए एक हाई-सिक्योरिटी जेल बनाई जाएगी, जिसे उन्होंने ‘कालापानी’ कहा। यह जेल पहाड़ी इलाके में होगी और इसमें केवल एक ही रास्ता होगा। यहां कैदी पूरी तरह बाहरी दुनिया से कटे रहेंगे, जिससे मौजूदा जेलों से संचालित होने वाली समानांतर आपराधिक गतिविधियों पर प्रभावी रोक लगेगी।

जेल सुधार और निगरानी:
गृह मंत्री ने दावा किया कि बिहार जेल सुधार के मामले में देश में अग्रणी है। सभी जेलों में सीसीटीवी कैमरों के जरिए ऑनलाइन निगरानी की जा रही है और यह भी देखा जा रहा है कि अपराधियों से कौन-कौन मिल रहा है। इस वर्ष 1256 कैदी 10वीं की बोर्ड परीक्षा में शामिल होंगे, जिससे राज्य जेलों में पढ़ाई का रिकॉर्ड सबसे ज्यादा है।

आपदा प्रबंधन और प्रशिक्षण:
सम्राट चौधरी ने कहा कि बिहार में पहली बार बिहटा में फायर सेफ्टी और रेस्क्यू ट्रेनिंग इंस्टीट्यूट बनाया गया है, जहां CISF द्वारा प्रशिक्षण दिया जा रहा है। सरकार कानून-व्यवस्था को मजबूत करने के लिए लगातार कदम उठा रही है और अपराधियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।

अपराध के आंकड़े:
गृह मंत्री ने बिहार में अपराध के हालिया आंकड़े भी पेश किए। उन्होंने कहा कि फिरौती के लिए अपहरण के मामलों में बिहार देश में सबसे कम है। डकैती में राज्य 31वें, महिलाओं पर हमले में 35वें, यौन उत्पीड़न में 35वें, बलात्कार में 35वें, और हत्या के मामलों में 11वें स्थान पर है।

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