द वॉयस ऑफ बिहार | किशनगंज/पटना (20 फरवरी 2026)
किशनगंज जिले में भ्रष्टाचार के खिलाफ एक बड़ी कार्रवाई करते हुए पटना से आई विशेष निगरानी विभाग की टीम ने शुक्रवार को ICDS की प्रभारी डीपीओ (DPO) अनीता कुमारी को रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया। यह गिरफ्तारी उनके डुमरिया भट्टा रोड स्थित किराये के आवास से हुई है, जहाँ वे रिश्वत की पहली किस्त स्वीकार कर रही थीं।
रंगे हाथों गिरफ्तारी और कैश की बरामदगी
निगरानी विभाग की टीम ने शुक्रवार को जाल बिछाकर इस सफल ऑपरेशन को अंजाम दिया:
- रिश्वत की राशि: प्रभारी डीपीओ को ₹50,000 की रिश्वत लेते हुए मौके पर ही दबोचा गया।
- बड़ी रिकवरी: गिरफ्तारी के बाद जब टीम ने उनके आवास की तलाशी ली, तो वहाँ से ₹4 लाख से अधिक का नकद (कैश) बरामद हुआ है। पुलिस फिलहाल बरामद रकम की गिनती और उसके स्रोतों की जांच कर रही है।
- अतिरिक्त प्रभार: अनीता कुमारी ठाकुरगंज प्रखंड की बाल विकास परियोजना पदाधिकारी (CDPO) का अतिरिक्त प्रभार भी संभाल रही थीं।
क्यों मांगी गई थी रिश्वत?
इस पूरे मामले का खुलासा कोचाधामन के CDPO नागेंद्र कुमार की शिकायत के बाद हुआ:
- सौदा: आरोप है कि अनीता कुमारी ने नागेंद्र कुमार को पोठिया प्रखंड के सीडीपीओ का प्रभार दिलाने के बदले ₹10 लाख की भारी-भरकम मांग की थी।
- वायरल ऑडियो: मामले से जुड़ा एक कथित ऑडियो भी चर्चा में है, जिसमें ₹5 लाख की मांग का जिक्र है।
निगरानी विभाग की कानूनी कार्रवाई
विशेष इकाई निगरानी टीम के डीएसपी लव कुमार ने बताया कि शिकायत मिलने के बाद मामले का सत्यापन कराया गया था।
- FIR और केस: सत्यापन के बाद 18 फरवरी 2026 को निगरानी थाना में कांड संख्या 8/26 के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई थी।
- पूछताछ: गिरफ्तारी के बाद अनीता कुमारी को निगरानी मुख्यालय ले जाया गया है, जहाँ भ्रष्टाचार निरोधक अधिनियम के तहत उनसे पूछताछ जारी है।
निगरानी विभाग की इस कार्रवाई से जिले के प्रशासनिक महकमे में हड़कंप मच गया है। सूत्रों का मानना है कि इस जांच की आंच अन्य विभागीय अधिकारियों तक भी पहुँच सकती है।
बिहार में भ्रष्टाचार के खिलाफ चल रही कार्रवाई और हर बड़ी खबर के लिए जुड़े रहें: 👉 www.voiceofbihar.in


