सड़कों पर ‘शोर’ मचाने वाले डीजे पर चलेगा कानून का डंडा: बिहार सरकार का 15 दिनों का अल्टीमेटम; बिना अनुमति वाले ट्रॉली-डीजे होंगे बंद

द वॉयस ऑफ बिहार | पटना (20 फरवरी 2026)

​बिहार की सड़कों पर कानफोड़ू आवाज में बजने वाले अवैध डीजे (DJ) के खिलाफ नीतीश सरकार ने सख्त रुख अख्तियार कर लिया है। बिहार विधान परिषद में परिवहन मंत्री श्रवण कुमार ने घोषणा की है कि अगले 15 दिनों के अंदर बिना अनुमति के वाहनों (ट्रॉली) पर डीजे बजाने पर पूर्ण रूप से रोक लगा दी जाएगी।

15 दिनों में शुरू होगा राज्यव्यापी अभियान

​गुरुवार को प्रश्नोत्तर काल के दौरान बंशीधर ब्रजवासी के सवाल का जवाब देते हुए मंत्री ने सदन को आश्वस्त किया:

  • जांच और कार्रवाई: अगले 15 दिनों के भीतर पूरे राज्य में उन सभी गाड़ियों की सघन जांच कराई जाएगी, जिनमें बिना अनुमति के डीजे सिस्टम लगाया गया है।
  • बैन का आदेश: ऐसी अवैध रूप से संचालित डीजे गाड़ियों को न केवल पकड़ लिया जाएगा, बल्कि उन्हें स्थायी रूप से बंद भी कराया जाएगा।
  • ध्वनि प्रदूषण पर लगाम: इस कार्रवाई का मुख्य उद्देश्य बढ़ते ध्वनि प्रदूषण पर प्रभावी नियंत्रण पाना है।

कानून का उल्लंघन: रद्द होगा रजिस्ट्रेशन

​परिवहन मंत्री ने इस दौरान मोटरयान अधिनियम, 1968 (संदर्भित) की धारा-52 का हवाला देते हुए सख्त चेतावनी दी:

  • ढांचे में बदलाव गैरकानूनी: किसी भी वाहन के मूल ढांचे में बिना निबंधन प्राधिकार की अनुमति के परिवर्तन करना कानूनी रूप से प्रतिबंधित है।
  • जुर्माना और सजा: यदि कोई वाहन मालिक बिना अनुमति के ट्राली या गाड़ी में डीजे सेटअप लगवाता है, तो उसका निबंधन (रजिस्ट्रेशन) रद्द कर दिया जाएगा और भारी दंड भी लगाया जाएगा।

“शादी में डीजे नहीं बजेगा, तो नाच-गाना कैसे होगा?”

​मंत्री श्रवण कुमार ने एक व्यावहारिक पहलू पर चुटकी लेते हुए यह भी कहा कि अगर शादी-विवाह के मौकों पर डीजे पूरी तरह बंद हो गया, तो लोग नाच-गाना कैसे करेंगे। उन्होंने संकेत दिया कि यह पाबंदी मुख्य रूप से अवैध संशोधनों और तेज आवाज वाले वाहनों पर है, न कि सांस्कृतिक कार्यक्रमों पर।

​हालांकि, सदन में मौजूद प्रो. वीरेंद्र नारायण यादव ने इसे पूरी मानवता से जुड़ा प्रश्न बताते हुए तेज आवाज में वाहनों के परिचालन पर पूर्ण रोक की आवश्यकता पर बल दिया।

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