द वॉयस ऑफ बिहार | भागलपुर (20 फरवरी 2026)
भागलपुर के सुल्तानगंज में अब केवल श्रद्धा की गंगा ही नहीं बहेगी, बल्कि यहाँ पर्यटकों को गंगा की ‘सवारी’ यानी डॉल्फिन की अद्भुत दुनिया से रूबरू होने का भी मौका मिलेगा। विक्रमशिला गंगा डॉल्फिन अभयारण्य को मजबूती प्रदान करने के उद्देश्य से वन विभाग ने सुल्तानगंज के ऐतिहासिक अजगैबीनाथ मंदिर के पास एक भव्य डॉल्फिन पार्क बनाने की योजना तैयार की है।
परियोजना की मुख्य विशेषताएं
- लागत और बजट: डीएफओ आशुतोष कुमार के अनुसार, इस अत्याधुनिक पार्क के निर्माण पर कुल 1.03 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे।
- ज्ञान और मनोरंजन: इस पार्क का प्राथमिक उद्देश्य मनोरंजन के साथ-साथ शिक्षा भी है। यहाँ डॉल्फिन से जुड़ी सभी अहम जानकारियां प्रदर्शित की जाएंगी।
- महत्वपूर्ण डेटा: पर्यटकों को यह जानने का मौका मिलेगा कि भागलपुर में डॉल्फिन का क्या महत्व है और गंगा के किस इलाके में कितनी डॉल्फिन मौजूद हैं।
क्यों चुना गया सुल्तानगंज?
सुल्तानगंज न केवल एक धार्मिक केंद्र है, बल्कि यहाँ सालों भर बड़ी संख्या में श्रद्धालु और देश-विदेश से पर्यटक पहुँचते हैं। अजगैबीनाथ मंदिर के पास पार्क बनने से यहाँ आने वाले लोग धर्म के साथ-साथ प्रकृति के संरक्षण की जानकारी भी प्राप्त कर सकेंगे।
भूमि आवंटन की चुनौती
योजना तो तैयार है, लेकिन इसके क्रियान्वयन के लिए जमीन की उपलब्धता एक महत्वपूर्ण कड़ी है।
- जमीन का अभाव: वर्तमान में वन विभाग के पास अजगैबीनाथ मंदिर के समीप अपनी जमीन उपलब्ध नहीं है।
- प्रशासनिक पहल: विभाग अब जिला प्रशासन से मंदिर के पास उपयुक्त जमीन उपलब्ध कराने का आग्रह करेगा।
- अगला कदम: जैसे ही जमीन का आवंटन होगा, पार्क के निर्माण का कार्य युद्ध स्तर पर शुरू कर दिया जाएगा।
इस पार्क के बनने से सुल्तानगंज के पर्यटन मानचित्र में एक नया अध्याय जुड़ेगा और गंगा डॉल्फिन के संरक्षण के प्रति जन-जागरूकता में भी वृद्धि होगी।
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