
द वॉयस ऑफ बिहार | पटना (19 फरवरी 2026)
बिहार में गन्ने की खेती को आधुनिक और लाभप्रद बनाने के लिए राज्य सरकार ने एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। मुख्यमंत्री गन्ना यंत्रीकरण योजना के तहत अब किसानों को यंत्रों की खरीद पर दी जाने वाली अनुदान राशि का भुगतान सीधे उनके बैंक खातों में डीबीटी (DBT) के माध्यम से किया जाएगा। गन्ना उद्योग विभाग ने चयनित किसानों को प्रक्रिया पूरी करने के निर्देश जारी कर दिए हैं।
50 से 60 फीसदी तक की बड़ी राहत
राज्य सरकार गन्ना किसानों को खेती की तैयारी से लेकर कटाई तक के आधुनिक यंत्रों पर भारी छूट दे रही है:
- अनुदान की सीमा: इस योजना के तहत किसानों को विभिन्न यंत्रों की खरीद पर 50 से 60 फीसदी तक का अनुदान दिया जाता है।
- चयनित किसान: विभाग द्वारा अब तक राज्य के 324 किसानों को यंत्र खरीदने के लिए परमिट जारी किए जा चुके हैं।
- खरीद की प्रक्रिया: स्वीकृति पत्र प्राप्त किसान सुमेक पोर्टल (sumec) पर सूचीबद्ध विक्रेताओं से यंत्र खरीद सकते हैं।
इन आधुनिक यंत्रों पर मिलेगी छूट
योजना के दायरे में गन्ने की खेती से जुड़े लगभग सभी प्रमुख यंत्र शामिल किए गए हैं:
- खेत की तैयारी: डिस्क हैरो, पावर टीलर, लैंड लेवलर, लेजर लेवलर और रोटावेटर।
- खेती और रखरखाव: पावर वीडर, रैटून मैनेजमेंट डिवाइस, ट्रैक्टर माउंटेड हाइड्रॉलिक स्प्रेयर।
- कटाई और प्लांटिंग: शुगरकेन कटर प्लांटर, मिनी ट्रैक्टर (4डब्लूडी) और हाइड्रॉलिक डिस्क हैरो।
कैसे मिलेगा पैसा? (भुगतान प्रक्रिया)
विभाग ने स्पष्ट किया है कि अनुदान पाने के लिए पारदर्शिता का पूरा ध्यान रखा जाएगा:
- चयनित किसान को पहले विक्रेता को पूर्ण देय राशि का भुगतान कर यंत्र खरीदना होगा।
- यंत्र की खरीद के बाद विभाग द्वारा इसका सत्यापन किया जाएगा।
- सत्यापन प्रक्रिया पूर्ण होते ही अनुदान की राशि प्रत्यक्ष लाभ अंतरण (DBT) के जरिए सीधे किसान के बैंक खाते में भेज दी जाएगी।
सरकार की इस पहल का उद्देश्य गन्ना किसानों को आधुनिक तकनीक से जोड़ना है ताकि लागत कम हो और पैदावार में वृद्धि हो सके।
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