दिल्ली के भारत मंडपम में आज AI इम्पैक्ट समिट 2026 का औपचारिक उद्घाटन हुआ। इस अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने फ्रांस, ब्राजील और एस्टोनिया के राष्ट्रपतियों सहित अन्य वैश्विक नेताओं का भव्य स्वागत किया। उद्घाटन समारोह में UN महासचिव एंटोनियो गुटेरेस, फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों, और गूगल CEO सुंदर पिचाई समेत कई दिग्गजों ने AI के भविष्य और वैश्विक प्रभाव पर अपने विचार साझा किए।
प्रधानमंत्री मोदी ने अपने संबोधन में भारत में AI के उज्ज्वल भविष्य और इसके मानवीय उपयोग पर जोर दिया।
समिट में प्रधानमंत्री मोदी के मुख्य संदेश
- AI और इंसान का सहयोग:
मोदी ने कहा कि आज दुनिया एक ऐसे युग में प्रवेश कर रही है, जहां इंसान और AI मिलकर विकास की नींव रखेंगे। भारत में AI के क्षेत्र में उज्ज्वल अवसर हैं। समिट में तीन भारतीय कंपनियों ने अपने AI मॉडल और ऐप लॉन्च किए। - नौकरियों का स्रोत:
प्रधानमंत्री ने कहा कि जिस तरह इंटरनेट ने नई नौकरियां पैदा कीं, AI भी लोगों के लिए नई नौकरियों का स्रोत बनेगा। हालांकि, भविष्य में AI सेक्टर में किस तरह की नौकरियां आएंगी, यह अभी कल्पना करना मुश्किल है। साथ ही, बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित करना AI डेवलपमेंट का अहम हिस्सा होना चाहिए। - ‘MANAV’ विजन:
मोदी ने MANAV विजन प्रस्तुत किया, जिसका उद्देश्य AI को मानवीय बनाना है। MANAV के तत्व इस प्रकार हैं:- M – Moral और Policy System: AI इंसान का मार्गदर्शन करे।
- A – Accountability: AI के लिए नियम और निगरानी जरूरी है।
- N – National Sovereignty: डेटा पर अधिकार उसी का होना चाहिए।
- A – Access: AI तक हर किसी की पहुंच हो।
- V – Validity: AI कानूनी और सत्यापित होना चाहिए।
- वैश्विक मानक और डिजिटल सुरक्षा:
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि AI के लिए वैश्विक मानक आवश्यक हैं। डीपफेक कंटेंट के बढ़ते इस्तेमाल के चलते डिजिटल सामग्री पर सर्टिफिकेशन, वॉटरमार्किंग और सोर्स ट्रेसिंग अनिवार्य होनी चाहिए। - लोकतंत्रीकरण और सशक्तिकरण:
मोदी ने AI का लोकतंत्रीकरण जरूरी बताया और कहा कि GPS की तरह AI हमारी दिशा तय करने में मदद करे, लेकिन अंतिम निर्णय हमेशा इंसान का ही होना चाहिए।
प्रधानमंत्री मोदी ने समिट में सभी देशों से AI को मानवता की भलाई के लिए विकसित करने का संकल्प लेने का आह्वान किया।


