पश्चिम बंगाल में चुनावी माहौल के बीच ‘बाबरी मस्जिद’ के नाम को लेकर सियासत गरमा गई है। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने मुर्शीदाबाद में प्रस्तावित मस्जिद के नामकरण पर आपत्ति जताते हुए कहा है कि देश पर हमला करने वाले आक्रांताओं के नाम पर किसी भी इबादतगाह का निर्माण स्वीकार्य नहीं होगा।
‘बाबर के नाम पर मस्जिद नहीं बनेगी’ – सैयद शाहनवाज हुसैन
भाजपा के वरिष्ठ नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री सैयद शाहनवाज हुसैन ने टीएमसी से निष्कासित विधायक हुमायूं कबीर के बयान पर कड़ी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि भारत की धरती पर बाबर जैसे आक्रमणकारी के नाम पर कोई मस्जिद नहीं बनाई जा सकती।
हुसैन ने कहा,
“भारत की धरती पर किसी विदेशी हमलावर के नाम पर कोई मस्जिद नहीं बना सकता। भारत की सांस्कृतिक और धार्मिक विरासत में बाबर जैसे लोगों के लिए कोई सम्मानजनक स्थान नहीं है।”
उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि लोग अपनी निजी जमीन पर मंदिर या मस्जिद बनाने के लिए स्वतंत्र हैं, लेकिन किसी आक्रांता के नाम पर इबादतगाह बनाना उचित नहीं है।
‘आक्रांता के नाम पर इबादतगाह स्वीकार्य नहीं’
शाहनवाज हुसैन ने कहा कि जिन लोगों ने भारत पर आक्रमण किए, उनके नाम पर धार्मिक स्थलों का नामकरण करना गलत परंपरा को बढ़ावा देगा। उन्होंने सुझाव दिया कि यदि मस्जिद बनानी है तो उसे किसी नेक और धार्मिक शख्सियत के नाम पर रखा जाए।
“मस्जिद का नाम रखना ही है, तो नेक और धार्मिक शख्सियतों के नाम पर रखा जाना चाहिए। चाहें तो पैगंबर साहब के नाम पर रखें या अपने स्वयं या अपने पिता के नाम पर नामकरण करें।”
मुर्शीदाबाद में शिलान्यास का दावा
बताया जा रहा है कि मुर्शीदाबाद में ‘बाबरी मस्जिद’ नाम से शिलान्यास किया गया है। विधायक हुमायूं कबीर का दावा है कि लगभग 50–55 करोड़ रुपये की लागत से मस्जिद का निर्माण कराया जाएगा। हालांकि भाजपा ने मस्जिद निर्माण का नहीं, बल्कि उसके नाम ‘बाबरी मस्जिद’ का विरोध किया है।
इस मुद्दे को लेकर राज्य की सियासत में बयानबाजी तेज हो गई है और चुनावी माहौल में यह एक बड़ा राजनीतिक विषय बनता दिख रहा है।


