द वॉयस ऑफ बिहार | नई दिल्ली (19 फरवरी 2026)
दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल (काउंटर इंटेलिजेंस यूनिट) ने लॉरेंस बिश्नोई और हाशिम बाबा गैंग के खिलाफ एक बड़ी कामयाबी हासिल की है। सात साल से फरार चल रहे कुख्यात गैंगस्टर महफूज उर्फ बॉबी कबूतर के साथ उसकी गर्लफ्रेंड और गैंग की सक्रिय सदस्य खुशनुमा अंसारी उर्फ नेहा को भी गिरफ्तार कर लिया गया है। गैंग में महिलाओं की बढ़ती सक्रियता ने सुरक्षा एजेंसियों की चिंता बढ़ा दी है।
कौन है ‘लेडी डॉन’ खुशनुमा?
खुशनुमा अंसारी उर्फ नेहा गैंगस्टर बॉबी कबूतर की करीबी सहयोगी बताई जा रही है।
- फरारी में मदद: बॉबी कबूतर पिछले सात साल से पुलिस को चकमा दे रहा था, जिसमें खुशनुमा उसकी ढाल बनी हुई थी।
- गैंग की ‘मैनेजर’: खुशनुमा न केवल बॉबी के छिपने के ठिकानों का इंतजाम करती थी, बल्कि वह गैंग मेंबर्स और बॉबी के बीच कम्युनिकेशन (संपर्क) की मुख्य कड़ी भी थी।
- स्पेशल सेल की जांच: दिल्ली पुलिस अब यह पता लगा रही है कि लॉरेंस गैंग में खुशनुमा जैसी और कितनी महिला सदस्य सक्रिय हैं।
गैंगस्टर बॉबी कबूतर का काला चिट्ठा
बॉबी कबूतर की गिरफ्तारी के साथ ही कई सनसनीखेज वारदातों का खुलासा हुआ है:
- सिद्धू मूसेवाला मर्डर: मई 2022 में पंजाबी सिंगर सिद्धू मूसेवाला की हत्या से पहले बॉबी कबूतर ने ही उनकी रेकी की थी और रूट व मूवमेंट की जानकारी हमलावरों तक पहुंचाई थी।
- अभिनेत्री दिशा पाटनी केस: यूपी के बरेली में बॉलीवुड अभिनेत्री दिशा पाटनी के घर पर हुई फायरिंग मामले में भी बॉबी का नाम आया है। पुलिस के मुताबिक, शूटर्स को विदेशी हथियार बॉबी ने ही उपलब्ध कराए थे।
- पुलिस को चकमा: वह फर्जी पहचान का इस्तेमाल कर लगातार अपने ठिकाने बदल रहा था।
चार लोगों की हुई गिरफ्तारी
टेक्निकल सर्विलांस और खुफिया इनपुट के आधार पर स्पेशल सेल ने एक साथ कार्रवाई करते हुए बॉबी कबूतर, खुशनुमा और उनके दो अन्य सहयोगियों (कुल 4 लोग) को गिरफ्तार किया है। दिशा पाटनी केस में संलिप्त दो शूटर्स पहले ही पुलिस एनकाउंटर में मारे जा चुके हैं, जबकि तीन अन्य पहले से ही जेल में हैं।
लॉरेंस गैंग में महिलाओं के बढ़ते इस्तेमाल और ‘बॉबी कबूतर’ जैसे शातिर अपराधियों की गिरफ्तारी दिल्ली पुलिस के लिए एक बड़ी जीत मानी जा रही है।
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