बिहार में ‘स्मार्ट हेल्थकेयर’ का आगाज: एम्स पटना और सी-डैक के बीच ऐतिहासिक समझौता; एआई (AI) से होगा गंभीर बीमारियों का सटीक इलाज

द वॉयस ऑफ बिहार | पटना (19 फरवरी 2026)

​बिहार की स्वास्थ्य सेवाओं में एक नए युग की शुरुआत होने जा रही है। एम्स पटना ने स्वास्थ्य सेवाओं में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और साइबर सुरक्षा को एकीकृत करने के लिए सी-डैक (C-DAC) पटना के साथ एक महत्वपूर्ण समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए हैं। यह साझेदारी भविष्य की मरीज-केंद्रित और सुरक्षित स्वास्थ्य व्यवस्था की दिशा में एक बड़ा कदम है।

भारत मंडपम में हुआ करार

​यह समझौता नई दिल्ली के भारत मंडपम में आयोजित India AI Impact Summit 2026 के दौरान हुआ। समझौते के समय इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय के सचिव एस. कृष्णन और संयुक्त सचिव सुदीप श्रीवास्तव विशेष रूप से उपस्थित थे।

कैंसर की जल्द पहचान और स्मार्ट अस्पताल प्रबंधन

​इस साझेदारी के तहत आधुनिक एआई तकनीक का उपयोग कई महत्वपूर्ण क्षेत्रों में किया जाएगा:

  • क्लिनिकल डिसीजन सपोर्ट: डॉक्टरों की सहायता के लिए एआई आधारित सिस्टम विकसित किया जाएगा।
  • गंभीर बीमारियों की पहचान: मेडिकल इमेजिंग विश्लेषण के जरिए कैंसर जैसी बीमारियों का शुरुआती चरण में ही पता लगाया जा सकेगा।
  • प्रिडिक्टिव एनालिटिक्स: सार्वजनिक स्वास्थ्य योजना और रोग निगरानी के लिए भविष्य कहनेवाला डेटा विश्लेषण किया जाएगा।
  • मरीजों की सुरक्षा: डेटा को सुरक्षित रखने के लिए एक मजबूत साइबर सुरक्षा ढांचा तैयार किया जाएगा।

एम्स पटना बनेगा ‘AI स्पेशल पर्पस हब’

​एम्स पटना जल्द ही सी-डैक मोहाली और नोएडा के सहयोग से एक आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस स्पेशल पर्पस हब (AI-SPH) स्थापित करेगा।

  • नोडल केंद्र: यह हब बिहार और झारखंड के मेडिकल कॉलेजों के लिए मुख्य प्रशिक्षण और शोध केंद्र के रूप में कार्य करेगा।
  • प्रशिक्षण और नवाचार: यहाँ स्वास्थ्यकर्मियों और छात्रों के लिए एआई प्रशिक्षण कार्यक्रम चलाए जाएंगे। साथ ही, डॉक्टरों और डेटा विशेषज्ञों के बीच सहयोग से क्षेत्रीय स्वास्थ्य समस्याओं पर शोध किया जाएगा।

विशेषज्ञों की राय

​एम्स पटना के कार्यकारी निदेशक प्रो. (ब्रिगे) डॉ. राजू अग्रवाल ने इस पहल को क्षेत्र के लिए क्रांतिकारी बताया। उन्होंने कहा कि यह डिजिटल ढांचे को मजबूत करने के साथ-साथ स्वास्थ्य सेवाओं को और अधिक सुरक्षित और आधुनिक बनाएगा।

​इस अवसर पर एम्स पटना से नीलोत्पल बल, डॉ. अभ्युदय कुमार, डॉ. पल्लम गोपी चंद और सी-डैक पटना के सेंटर हेड अभिनव दीक्षित सहित कई वैज्ञानिक मौजूद थे।

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