बिहार में खेलों का होगा ‘डिजिटल पहरा’: पंचायत स्तर के स्टेडियमों में लगेंगे CCTV; मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत ने खेल विभाग को दिए सख्त निर्देश

द वॉयस ऑफ बिहार | पटना (19 फरवरी 2026)

​बिहार में खेल और खिलाड़ियों के भविष्य को सुरक्षित और पारदर्शी बनाने के लिए राज्य सरकार ने कमर कस ली है। गुरुवार को मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत ने खेल विभाग की उच्चस्तरीय समीक्षा की। बैठक में खेल के बुनियादी ढांचे, सुरक्षा और सामग्री खरीद में बड़े सुधारों का खाका तैयार किया गया। अब राज्य के सुदूर पंचायतों में बने स्टेडियम भी सीसीटीवी कैमरों की निगरानी में होंगे।

सुरक्षा और निगरानी: अब कैमरे की नजर में होगा खेल

​मुख्य सचिव ने खिलाड़ियों की सुरक्षा और व्यवस्था में पारदर्शिता लाने के लिए कड़े निर्देश दिए:

  • CCTV अनिवार्य: राज्य के सभी पंचायत स्तर के खेल परिसरों और आउटडोर स्टेडियमों में सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएंगे।
  • नियमित निरीक्षण: खेल सचिव और वरिष्ठ अधिकारी अब केवल दफ्तरों में नहीं बैठेंगे, उन्हें राज्य भर में खेल योजनाओं के क्रियान्वयन का नियमित निरीक्षण करना होगा।
  • जवाबदेही: प्रत्येक खेल क्लब को जिला खेल पदाधिकारी, सरकारी प्रशिक्षक और शारीरिक शिक्षकों के साथ ‘टैग’ किया जाएगा, ताकि जमीनी स्तर पर जिम्मेदारी तय हो सके।

PPP मॉडल और उद्योगों की भागीदारी

​बिहार के युवाओं को बेहतर मंच देने के लिए सरकार अब पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप (PPP) पर जोर दे रही है।

  • नया नीतिगत ढांचा: निजी क्षेत्रों को खेल से जोड़ने के लिए एक स्पष्ट ढांचा तैयार किया जाएगा।
  • स्थानीय उद्योगों का साथ: स्थानीय उद्योगों को खेल गतिविधियों और आयोजनों में निवेश और सहयोग के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा, ताकि युवाओं को अधिक अवसर मिल सकें।

खेल सामग्री खरीद में खत्म होगी धांधली

​खेल किट और अन्य सामग्रियों की खरीद में होने वाली अनियमितताओं को रोकने के लिए मुख्य सचिव ने नया मॉडल पेश किया:

  • ओपन कॉल (Open Call): खेल सामग्री विक्रेताओं को अब खुले आमंत्रण के जरिए ‘एम्पैनल’ किया जाएगा, ताकि किसी एक वेंडर का एकाधिकार न रहे।
  • कैपिंग प्राइस: राज्य सरकार खेल सामग्री की अधिकतम कीमत (Price Cap) तय करेगी, जिससे पूरे बिहार में समान दरों पर गुणवत्तापूर्ण सामान मिले और मूल्य शोषण पर लगाम लगे।

नवंबर में दौड़ेगा बिहार: हाफ मैराथन का ऐलान

​बैठक में विभाग ने आगामी आयोजनों की भी जानकारी दी:

  • हाफ मैराथन: राज्य में हर साल नवंबर और फरवरी माह में हाफ मैराथन का आयोजन किया जाएगा। इस नई परंपरा की शुरुआत इसी नवंबर (2026) से होने जा रही है।
  • एकलव्य केंद्र: वर्तमान में संचालित 27 एकलव्य केंद्रों के कार्यों पर मुख्य सचिव ने संतोष जताया और शेष प्रस्तावित केंद्रों को जल्द शुरू करने का आदेश दिया।

​मुख्य सचिव की यह पहल बिहार को एक ‘स्पोर्ट्स हब’ के रूप में विकसित करने और ग्रामीण प्रतिभाओं को सुरक्षित माहौल देने की दिशा में एक बड़ा कदम मानी जा रही है।

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