द वॉयस ऑफ बिहार | भागलपुर (19 फरवरी 2026)
भागलपुर के हृदय स्थली घंटाघर चौक स्थित एक निजी क्लीनिक में बुधवार की देर शाम उस वक्त अफरातफरी मच गई, जब इलाज के दौरान एक मासूम बच्चे की मौत हो गई। घटना के बाद आक्रोशित परिजनों ने क्लीनिक परिसर में जमकर हंगामा किया और डॉक्टर पर इलाज में लापरवाही बरतने के गंभीर आरोप लगाए।
इलाज के दौरान तोड़ा दम
जानकारी के अनुसार, बुधवार शाम एक बच्चे को गंभीर स्थिति में घंटाघर स्थित एक प्रसिद्ध शिशु रोग विशेषज्ञ (पीडियाट्रिशियन) के क्लीनिक में लाया गया था।
- घटना: डॉक्टर अभी इलाज शुरू ही कर रहे थे कि बच्चे की सांसें थम गईं।
- परिजनों का गुस्सा: बच्चे की मौत की खबर मिलते ही परिजनों का धैर्य जवाब दे गया। उन्होंने आरोप लगाया कि डॉक्टर ने इलाज में देरी की और लापरवाही बरती, जिसके कारण उनके बच्चे की जान गई।
डॉक्टर की सफाई: “गंभीरावस्था में लाया गया था बच्चा”
हंगामे के बीच क्लीनिक के डॉक्टर ने अपना पक्ष रखते हुए लापरवाही के आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया।
- बचाव: डॉक्टर का कहना था कि बच्चे को जब अस्पताल लाया गया था, उसकी स्थिति पहले से ही अत्यंत नाजुक थी।
- पूर्वानुमान: डॉक्टर के अनुसार, उन्होंने परिजनों को इलाज शुरू करने से पहले ही बच्चे की गंभीर स्थिति के बारे में स्पष्ट रूप से सूचित कर दिया था। हर मुमकिन कोशिश के बावजूद बच्चे को बचाया नहीं जा सका।
जोगसर पुलिस ने शांत कराया मामला
क्लीनिक में बढ़ते तनाव और शोर-शराबे की सूचना मिलते ही जोगसर थाना की पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस की मौजूदगी में आक्रोशित लोगों को समझा-बुझाकर शांत कराया गया।
- सहमति: पुलिस ने डॉक्टर और पीड़ित परिजनों के बीच वार्ता कराई। काफी देर तक चली बातचीत और पुलिस के हस्तक्षेप के बाद मामला शांत हुआ।
- विदाई: परिजन अंततः बिना किसी कानूनी शिकायत के बच्चे का शव लेकर अपने घर चले गए।
इस घटना के कारण घंटाघर चौक पर कुछ देर के लिए राहगीरों और स्थानीय लोगों की भारी भीड़ जमा हो गई थी। फिलहाल स्थिति सामान्य है।
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