द वॉयस ऑफ बिहार | पटना (18 फरवरी 2026)
नेशनल हाईवे (NH) पर सफर करने वाले यात्रियों के लिए अब गंदगी देखना “फायदे का सौदा” साबित हो सकता है। भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) ने राजमार्गों पर स्वच्छता सुनिश्चित करने के लिए ‘क्लीन टॉयलेट पिक्चर चैलेंज’ की शुरुआत की है। इस अनोखी स्कीम के तहत, यदि किसी टोल प्लाजा पर शौचालय गंदा मिलता है, तो इसकी शिकायत करने वाले यात्री को 1,000 रुपये का इनाम दिया जाएगा।
कैसे मिलेगा ₹1000 का इनाम?
NHAI ने इस प्रक्रिया को पूरी तरह डिजिटल और पारदर्शी बनाया है। यात्रियों को इनाम पाने के लिए इन स्टेप्स का पालन करना होगा:
- ऐप का इस्तेमाल: यात्री को अपने मोबाइल में ‘राजमार्गयात्रा’ (Rajmargyatra) ऐप डाउनलोड करना होगा।
- फोटो अपलोड: अस्वच्छ शौचालय की फोटो जियो-टैग (Geo-tag) और टाइम-स्टैम्प के साथ खींचकर ऐप पर अपलोड करनी होगी।
- वेरिफिकेशन: विभाग द्वारा शिकायत की जांच की जाएगी। यदि शिकायत सही पाई गई, तो प्रोत्साहन राशि सीधे वाहन के फास्टैग (FASTag) खाते में रिचार्ज कर दी जाएगी।
- नोट: यह राशि नकद (Cash) नहीं मिलेगी, इसका उपयोग केवल भविष्य में टोल भुगतान के लिए किया जा सकेगा।
अभियान की मुख्य शर्तें और समय-सीमा
NHAI ने इस योजना के सुचारू संचालन के लिए कुछ कड़े नियम भी बनाए हैं:
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विवरण |
नियम/शर्तें |
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वैधता |
यह अभियान 30 जून, 2026 तक प्रभावी रहेगा। |
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पात्रता |
प्रत्येक वाहन को पूरे अभियान के दौरान केवल एक बार ही इनाम मिल सकेगा। |
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शिकायत का क्रम |
किसी एक शौचालय के लिए एक दिन में प्राप्त पहली वैध शिकायत ही इनाम की हकदार होगी। |
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दायरा |
यह योजना केवल NHAI के आधिकारिक टोल प्लाजा पर लागू होगी। निजी पेट्रोल पंप या ढाबों पर नहीं। |
बिहार के यात्रियों के लिए क्यों है अहम?
बिहार में NH-31, NH-57, और NH-2 जैसे राष्ट्रीय राजमार्गों पर रोजाना हजारों परिवार और व्यावसायिक वाहन सफर करते हैं। अक्सर टोल प्लाजा पर सुविधाओं के नाम पर भारी शुल्क वसूला जाता है, लेकिन शौचालयों की स्थिति दयनीय होती है।
- जवाबदेही: इस स्कीम से टोल संचालकों की सीधी जवाबदेही तय होगी।
- महिला सुरक्षा: साफ शौचालय की उपलब्धता से महिला यात्रियों, बच्चों और वरिष्ठ नागरिकों को बड़ी राहत मिलेगी।
- भागीदारी: यात्री अब केवल उपभोक्ता नहीं, बल्कि हाईवे की व्यवस्था के ‘निरीक्षक’ (Supervisors) की भूमिका में होंगे।
NHAI का उद्देश्य इस पहल के जरिए टोल प्लाजा संचालकों को स्वच्छता मानकों का पालन करने के लिए मजबूर करना है। तो अगली बार अगर आप बिहार या देश के किसी भी नेशनल हाईवे पर हों, तो ‘राजमार्गयात्रा’ ऐप अपने फोन में जरूर रखें।
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