सगी बहनों ने थाने में मचाया तांडव; महिला दरोगा को जमीन पर पटका, वर्दी फाड़ी और सरकारी फाइलें तक चबा डालीं

द वॉयस ऑफ बिहार | वैशाली (18 फरवरी 2026)

​बिहार के वैशाली जिले से कानून-व्यवस्था को चुनौती देने वाली एक ऐसी तस्वीर सामने आई है जिसे देखकर हर कोई दंग है। जिस थाने से इलाके में शांति कायम रखने की उम्मीद की जाती है, उसी थाने के भीतर बुधवार को दो ‘दबंग’ बहनों ने जमकर उत्पात मचाया। इन महिलाओं ने न केवल पुलिसकर्मियों को पीटा, बल्कि एक महिला दरोगा की वर्दी तक फाड़ दी और थाने की सरकारी संपत्ति को तहस-नहस कर दिया।

दरोगा को जमीन पर पटककर बाल खींचे, वर्दी के चिथड़े किए

​घटना की शिकार महिला पुलिस अवर निरीक्षक (SI) नीतू कुमारी और सिपाही अमरजीत कुमार हुए हैं।

  • बर्बरता की हद: जानकारी के अनुसार, दोनों बहनों ने अचानक आपा खो दिया और नीतू कुमारी पर हमला बोल दिया। उन्होंने दरोगा के बाल पकड़कर उन्हें जमीन पर पटक दिया और उनके साथ मारपीट की। इस छीना-झपटी में महिला दरोगा की वर्दी तक फट गई।
  • अस्पताल में भर्ती: गंभीर रूप से घायल और सदमे में आई नीतू कुमारी को तुरंत स्थानीय अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहाँ उनका इलाज चल रहा है।

थाने के भीतर ‘जंग’ जैसा मंजर: कंप्यूटर से लेकर गमले तक तोड़े

​करीब दो घंटे तक चली इस गुंडागर्दी के दौरान थाने का नजारा किसी जंग के मैदान जैसा हो गया था:

  • सरकारी संपत्ति का नुकसान: महिलाओं ने कार्यालय में रखे महत्वपूर्ण कागजात फाड़ दिए। वायरलेस सेट, कंप्यूटर और बिजली के बोर्ड को बुरी तरह क्षतिग्रस्त कर दिया।
  • अंधेरे में थाना: बिजली के तार खींचने और तोड़ने के कारण थाने की लाइट तक गुल हो गई। परिसर में रखे फूलों के गमले और फर्नीचर भी तोड़ दिए गए।
  • आम लोग भी पीटे: जब स्थानीय लोगों ने बीच-बचाव की कोशिश की, तो इन बहनों ने उन्हें भी नहीं बख्शा और उनके साथ भी मारपीट की।

क्यों भड़कीं ये ‘दबंग’ बहनें?

​इस पूरे बवाल की जड़ मंगलवार की एक कार्रवाई में छिपी है।

  • रेस्क्यू ऑपरेशन: मंगलवार को पुलिस ने एक होटल में छापेमारी कर देह व्यापार के संदेह में मुजफ्फरपुर (ब्रह्मपुरा) की रहने वाली एक महिला को रेस्क्यू किया था।
  • बहन की एंट्री: बुधवार सुबह उस महिला की बहन संजू देवी थाना पहुंची। इसके बाद दोनों बहनों ने मिलकर रिहाई की मांग को लेकर हंगामा शुरू किया, जो देखते ही देखते हिंसक झड़प में बदल गया।

थानाध्यक्ष का कड़ा रुख: अब सीधे जेल जाने की तैयारी

​थानाध्यक्ष राजकुमार ने बताया कि पुलिस इस मामले में किसी भी तरह की नरमी बरतने के मूड में नहीं है।

  • हिरासत: दोनों महिलाओं को हिरासत में ले लिया गया है।
  • प्राथमिकी (FIR): सरकारी कार्य में बाधा डालने, पुलिसकर्मियों पर जानलेवा हमला करने और सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने के गंभीर आरोपों में प्राथमिकी दर्ज की जा रही है।

​इस घटना ने वैशाली पुलिस के इकबाल पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। जब थाने के भीतर ही दरोगा सुरक्षित नहीं है और वर्दी की गरिमा तार-तार की जा रही है, तो आम जनता की सुरक्षा का क्या होगा?

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