लखीसराय में खूनी खेल: सरसों के खेत में रेलवे कर्मी की गोली मारकर हत्या; मोबाइल पर भाई सुनता रहा मौत की चीख

द वॉयस ऑफ बिहार | लखीसराय/पीरी बाजार

लखीसराय जिले के पीरी बाजार थाना क्षेत्र में अपराधियों ने दुस्साहस का नंगा नाच पेश किया है। यहाँ पश्चिम बंगाल के अंडाल में रेलवे कर्मचारी के रूप में कार्यरत एक युवक की सरेराह गोली मारकर हत्या कर दी गई। वारदात की संवेदनशीलता का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि जब अपराधी गोलियां बरसा रहे थे, तब मृतक का भाई मोबाइल फोन पर उसकी आखिरी चीखें सुन रहा था।

खेत में काम के दौरान हुआ हमला

​घटना घोघी पंचायत के चौरा राजपुर गांव की है।

  • मृतक की पहचान: संतोष कुमार (पिता- स्व. रामाशीष राम), जो अंडाल (पुल निर्माण विभाग) में फोर्थ ग्रेड कर्मचारी थे।
  • कैसे हुई वारदात: संतोष इन दिनों छुट्टी पर घर आए हुए थे। शाम के समय वे अपने सरसों के खेत में कटाई का काम देखने गए थे। तभी पहले से घात लगाए अपराधियों ने उन पर ताबड़तोड़ फायरिंग शुरू कर दी।

मोबाइल पर लाइव ‘मर्डर’: भाई की आपबीती

​मृतक के भाई विकास कुमार ने जो बताया वह रूह कंपा देने वाला है। संतोष ने हमले से ठीक पहले अपने भाई को फोन लगाया था। बातचीत चल ही रही थी कि अचानक विकास को फोन पर गोलियों की आवाज सुनाई दी और संतोष दर्द से चीखने लगा। विकास मोबाइल कान से सटाए अपने भाई की मौत का गवाह बना रहा, लेकिन वह चाहकर भी उसे बचा नहीं सका।

सियासी रंजिश या कुछ और?

​इस हत्याकांड के बाद इलाके के मुखिया ने एक चौंकाने वाला खुलासा किया है।

  • जदयू कार्यकर्ता: मुखिया के अनुसार, संतोष कुमार जनता दल (यूनाइटेड) का सक्रिय कार्यकर्ता था।
  • बैनर विवाद: आरोप है कि संतोष के घर पर जदयू का बैनर लगा हुआ था, जिसे हटाने के लिए स्थानीय स्तर पर उन पर लगातार दबाव बनाया जा रहा था और धमकियां भी मिल रही थीं। परिजनों का अंदेशा है कि इसी राजनीतिक रंजिश के कारण संतोष की जान ली गई है।

पुलिस की कार्रवाई और दहशत का माहौल

​वारदात की सूचना मिलते ही पीरी बाजार थाना पुलिस मौके पर पहुंची। संतोष को तुरंत सदर अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।

  • जांच शुरू: पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और इलाके में लगे सुरागों को खंगाला जा रहा है।
  • पुलिस का पक्ष: फिलहाल पुलिस ने राजनीतिक रंजिश की आधिकारिक पुष्टि नहीं की है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि हत्या के सभी संभावित पहलुओं (आपसी विवाद, रंजिश या अन्य) पर छानबीन की जा रही है।

​इस घटना के बाद चौरा राजपुर गांव में मातम और भारी दहशत का माहौल है। रेलवे कर्मी और राजनीतिक कार्यकर्ता की हत्या ने कानून व्यवस्था पर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

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