मोतिहारी में ‘डिजिटल डकैती’ का अंत: ‘अग्नि ऐप’ के जरिए करोड़ों ठगने वाला हरियाणा का नटवरलाल गिरफ्तार; फर्जी पते से चला रहा था स्कैम का सिंडिकेट

द वॉयस ऑफ बिहार | मोतिहारी (पूर्वी चंपारण)

​पूर्वी चंपारण की साइबर पुलिस ने ऑनलाइन ठगी के एक बड़े अंतरराज्यीय रैकेट का भंडाफोड़ किया है। ‘अग्नि ऐप’ (Agni App) के जरिए लोगों को चूना लगाने वाले मास्टरमाइंड संगम कुमार को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। हरियाणा का रहने वाला यह शातिर ठग बिहार के लोगों को एडवर्टाइजमेंट रिचार्ज (Advertisement Recharge) के नाम पर करोड़ों का चूना लगा चुका था।

रक्सौल के युवक की शिकायत ने खोली पोल

​इस बड़े घोटाले का खुलासा तब हुआ जब रक्सौल निवासी अभिषेक कुमार शर्मा ने मोतिहारी साइबर थाने में शिकायत दर्ज कराई।

  • शिकायत: अभिषेक ने बताया कि ‘अग्नि ऐप’ के माध्यम से उनसे ठगी की गई है।
  • जांच: पुलिस ने जब मामले की तफ्तीश शुरू की, तो पता चला कि ऐप का संचालक संगम कुमार है, जिसने अपना पूरा पता और पहचान फर्जी बता रखी थी।
  • गिरफ्तारी: तकनीकी अनुसंधान और सर्विलांस की मदद से पुलिस ने संगम कुमार की असली लोकेशन ट्रेस की और उसे दबोच लिया।

करोड़ों का खेल: कैसे फंसाते थे जाल में?

​साइबर डीएसपी अभिनव पाराशर ने बताया कि यह गिरोह बहुत ही शातिर तरीके से काम करता था।

  • मोडस ऑपरेंडी: आरोपी ‘अग्नि ऐप’ के जरिए लोगों को जोड़ता था। उन्हें विज्ञापनों (Advertisement) को रिचार्ज करने पर मोटे मुनाफे का लालच दिया जाता था।
  • फर्जीवाड़ा: शुरुआत में भरोसा जीतने के लिए कुछ रिटर्न दिया जाता, और फिर बड़ी रकम निवेश कराकर ऐप बंद कर दिया जाता या पैसे निकासी रोक दी जाती।
  • नेटवर्क: पुलिस के मुताबिक, इस ठग ने अब तक करोड़ों रुपये की ठगी की है।

सहयोगियों की तलाश में पुलिस

​डीएसपी अभिनव पाराशर ने पुष्टि की है कि गिरफ्तार संगम कुमार इस सिंडिकेट का अहम हिस्सा है, लेकिन उसके साथ और भी कई लोग शामिल हैं।

“युवक करोड़ों रुपए की ठगी कर चुका है। हमने मुख्य आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। उसके अन्य सहयोगियों की पहचान कर ली गई है और उन्हें भी जल्द गिरफ्तार करने के लिए छापेमारी चल रही है।”

अभिनव पाराशर, साइबर डीएसपी, मोतिहारी

द वॉयस ऑफ बिहार का टेक: लालच बुरी बला है

​मोतिहारी पुलिस की यह कार्रवाई सराहनीय है, लेकिन यह घटना आम लोगों के लिए एक सबक भी है। ‘अग्नि ऐप’ जैसे सैकड़ों फर्जी ऐप्स प्ले स्टोर और सोशल मीडिया पर मौजूद हैं जो ‘घर बैठे कमाई’ और ‘दोगुना पैसा’ करने का झांसा देते हैं। हरियाणा से बैठकर बिहार के लोगों को ठगना यह बताता है कि साइबर अपराधी अब भौगोलिक सीमाओं से परे हैं। सतर्क रहें, किसी भी अनजान ऐप में पैसा लगाने से बचें।

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