बिहार में ‘स्मार्ट खेती’ से बढ़ेगी किसानों की आय: मंत्री राम कृपाल यादव ने पेश किया कृषि रोड मैप का रिपोर्ट कार्ड; अब जिलों में जाकर किसानों से सीधा संवाद करेगी सरकार

द वॉयस ऑफ बिहार | पटना (18 फरवरी 2026)

​बिहार को विकसित राज्य बनाने की राह में कृषि विभाग ने अपनी कमर कस ली है। बुधवार को पटना स्थित सूचना भवन में आयोजित एक भव्य प्रेस वार्ता के दौरान कृषि मंत्री श्री राम कृपाल यादव ने विभाग की उपलब्धियों और भविष्य की रणनीतियों का खुलासा किया। मंत्री ने स्पष्ट किया कि “समृद्ध किसान — विकसित बिहार” के संकल्प के साथ सरकार अब डिजिटल कृषि और पारदर्शी व्यवस्था पर सबसे अधिक जोर दे रही है।

कृषि रोड मैप: उत्पादन और आय में रिकॉर्ड वृद्धि

​माननीय मंत्री ने बताया कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के नेतृत्व में कृषि रोड मैप के माध्यम से बिहार ने कृषि क्षेत्र में अपनी एक अलग पहचान बनाई है।

  • प्रमुख उपलब्धियां: धान, गेहूं और मक्का के उत्पादन में उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई है। इसके लिए बिहार को राष्ट्रीय स्तर पर ‘कृषि कर्मण पुरस्कार’ से भी नवाजा जा चुका है।
  • पारदर्शिता: डीबीटी (DBT) और डिजिटल प्रणालियों को इतना मजबूत किया गया है कि अब योजनाओं का लाभ बिना किसी बिचौलिये के सीधे किसानों के खातों में पहुँच रहा है।
  • उर्वरक आपूर्ति: कृषि निदेशक सौरभ सुमन यादव ने आश्वस्त किया कि राज्य में उर्वरक की कोई कमी नहीं है और वितरण पर कड़ी निगरानी रखी जा रही है।

मखाना किसानों को मिलेगी ‘आधुनिक पॉपिंग मशीन’

​उद्यान निदेशक अभिषेक कुमार ने मखाना उत्पादकों के लिए एक बड़ी खुशखबरी साझा की।

  • नई तकनीक: मखाना प्रसंस्करण को आसान बनाने के लिए वैज्ञानिकों द्वारा विकसित आधुनिक मखाना पॉपिंग मशीन जल्द ही किसानों को अनुदानित दर पर उपलब्ध कराई जाएगी।
  • फायदा: इससे श्रम कम लगेगा, गुणवत्ता बढ़ेगी और बिहार का मखाना वैश्विक बाजार में अधिक प्रतिस्पर्धी बनेगा।

डिजिटल मंडी: e-NAM से जुड़ेंगे बिहार के किसान

​विपणन निदेशक शैलेन्द्र कुमार ने बताया कि राज्य के बाजार प्रांगणों का आधुनिकीकरण किया जा रहा है।

  • ऑनलाइन व्यापार: बाजारों को e-NAM (राष्ट्रीय कृषि बाजार) पोर्टल से जोड़ा जा रहा है, जिससे बिहार का किसान अपने उत्पाद देश के किसी भी कोने में ऑनलाइन बेच सकेगा।
  • जीर्णोद्धार: पुराने बाजार परिसरों को नया रूप दिया जा रहा है ताकि किसानों को भंडारण और विक्रय में असुविधा न हो।

भविष्य की योजना: जिलों में होगा ‘किसान संवाद’

​कृषि मंत्री ने एक महत्वपूर्ण घोषणा करते हुए कहा कि विधानमंडल सत्र समाप्त होने के बाद कृषि विभाग की टीम प्रत्येक जिले का दौरा करेगी।

​”हम सीधे खेतों तक जाएंगे। जिलों में जाकर किसानों, वैज्ञानिकों और नवाचारी युवाओं से संवाद करेंगे ताकि उनकी जमीनी समस्याओं को समझकर कृषि क्षेत्र को एक नई और आधुनिक दिशा दी जा सके।” – राम कृपाल यादव, कृषि मंत्री

द वॉयस ऑफ बिहार का विश्लेषण: अन्नदाता से उद्यमी तक का सफर

​कृषि विभाग की यह प्रेस वार्ता केवल आंकड़ों का खेल नहीं, बल्कि बिहार के किसान को ‘अन्नदाता’ से ‘उद्यमी’ बनाने की दिशा में एक सोची-समझी रणनीति है। क्लस्टर आधारित खेती, मखाना के लिए आधुनिक मशीनें और स्टार्टअप्स को प्रोत्साहन देना यह दर्शाता है कि बिहार अब पारंपरिक खेती से आगे बढ़कर ‘वैल्यू एडिशन’ (मूल्य संवर्धन) पर ध्यान केंद्रित कर रहा है।

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