
द वॉयस ऑफ बिहार | पटना (18 फरवरी 2026)
बिहार का अपना भरोसेमंद ब्रांड ‘सुधा’ (कॉम्फेड) अब राष्ट्रीय फलक से निकलकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी धाक जमाने की ओर अग्रसर है। डेयरी एवं मत्स्य संसाधन विभाग के ताजा आंकड़ों ने यह स्पष्ट कर दिया है कि कॉम्फेड ने पिछले दो दशकों में दुग्ध संग्रहण और प्रसंस्करण के क्षेत्र में अभूतपूर्व प्रगति की है।
रिकॉर्ड संग्रहण और प्रसंस्करण क्षमता
कॉम्फेड ने न केवल अपनी क्षमता बढ़ाई है, बल्कि संग्रहण के नए कीर्तिमान भी स्थापित किए हैं:
- दैनिक संग्रहण: वित्तीय वर्ष 2024-25 में पशुपालकों से औसतन 22 लाख 52 हजार किलोग्राम दूध रोजाना एकत्रित किया जा रहा है।
- ऑल-टाइम रिकॉर्ड: एक दिन में अधिकतम 30.67 लाख किलोग्राम दूध संग्रहण का ऐतिहासिक रिकॉर्ड भी कॉम्फेड के नाम दर्ज हो चुका है।
- प्रोसेसिंग पावर: वर्तमान में कॉम्फेड की दूध प्रसंस्करण क्षमता बढ़कर 48.55 लाख लीटर प्रतिदिन हो गई है। यानी संग्रहण से दोगुना अधिक दूध प्रोसेस करने की ताकत आज विभाग के पास है।
20 वर्षों का सफर: आंकड़ों की जुबानी
पिछले दो दशकों में कॉम्फेड ने विकास की जो रफ्तार पकड़ी है, वह सराहनीय है:
विवरण | वर्ष 2004-05 | वर्ष 2024-25 | वृद्धि |
|---|---|---|---|
दुग्ध संग्रहण (प्रतिदिन) | 4.88 लाख किग्रा | 22.52 लाख किग्रा | करीब 5 गुना |
प्रसंस्करण क्षमता (प्रतिदिन) | 6.30 लाख लीटर* | 48.55 लाख लीटर | करीब 8 गुना |
*प्रसंस्करण क्षमता का आंकड़ा वर्ष 2006-07 का है।
पशुपालकों की आय में इजाफा और वैश्विक विजन
कॉम्फेड के इस विस्तार का सीधा लाभ बिहार के लाखों ग्रामीण पशुपालकों को मिल रहा है।
- स्थिर आय: दूध संग्रहण की बढ़ती क्षमता से पशुपालकों को उनके दूध का उचित और समय पर मूल्य मिल रहा है।
- वैश्विक उपस्थिति: कॉम्फेड अब अंतरराष्ट्रीय मानकों को अपनाकर अपने उत्पादों को विदेशी बाजारों तक पहुँचाने की दिशा में काम कर रहा है।
- रोजगार: डेयरी क्षेत्र में विस्तार से ग्रामीण स्तर पर रोजगार के नए अवसर सृजित हुए हैं।
द वॉयस ऑफ बिहार का टेक: आत्मनिर्भर बिहार की पहचान
कॉम्फेड की 8.5% की यौगिक वार्षिक वृद्धि दर (CAGR) यह साबित करती है कि बिहार में डेयरी उद्योग रीढ़ की हड्डी बन चुका है। ‘सुधा’ केवल एक ब्रांड नहीं, बल्कि बिहार के किसानों की आत्मनिर्भरता का प्रतीक है। प्रसंस्करण क्षमता का संग्रहण से अधिक होना यह सुनिश्चित करता है कि भविष्य में दूध की आवक बढ़ने पर भी सिस्टम उसे संभालने के लिए तैयार है।


