मुजफ्फरपुर: बिहार के मुजफ्फरपुर में भ्रष्टाचार के खिलाफ निगरानी विभाग की कार्रवाई लगातार दूसरे दिन भी जारी रही। बुधवार सुबह जिले के सदर थाना में पदस्थापित सब इंस्पेक्टर भास्कर कुमार मिश्रा को 15 हजार रुपये रिश्वत लेते रंगेहाथ गिरफ्तार कर लिया गया। यह कार्रवाई थाना परिसर में ही की गई, जिससे पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया।
50 हजार की थी डिमांड, 30 हजार में तय हुआ सौदा

जानकारी के अनुसार, एक अपहरण कांड में सहूलियत देने और केस डायरी को कमजोर करने के एवज में अनुसंधानकर्ता भास्कर कुमार मिश्रा द्वारा पीड़ित पक्ष से 50 हजार रुपये की मांग की गई थी। बाद में सौदा 30 हजार रुपये में तय हुआ, जिसे दो किस्तों में देने की बात हुई। पहली किस्त के तौर पर 15 हजार रुपये लेते ही निगरानी विभाग की टीम ने जाल बिछाकर दारोगा को पकड़ लिया।
क्या है पूरा मामला?
परिवादी अमन कुमार ने बताया कि सदर थाना क्षेत्र के कांड संख्या 839/25 में उनके भाई को आरोपी बनाया गया था। उन्होंने आरोप लगाया कि नाम हटाने और केस में राहत देने के लिए दारोगा द्वारा रिश्वत मांगी जा रही थी।
अमन कुमार ने इसकी शिकायत पहले ही बिहार निगरानी विभाग से कर दी थी। शिकायत के बाद सत्यापन कराया गया, जिसमें आरोप सही पाए गए। इसके बाद ट्रैप की कार्रवाई की गई।
निगरानी विभाग के डीएसपी संजय कुमार ने बताया, “परिवादी ने 28 जनवरी को निगरानी थाना में आवेदन दिया था। जांच के बाद आरोप प्रमाणित पाए गए और निगरानी थाना में कांड संख्या 21/26 दर्ज की गई। इसके बाद टीम ने कार्रवाई करते हुए पुरानी सदर थाना के गेट पर आरोपी को रिश्वत लेते रंगेहाथ गिरफ्तार किया।”
एक दिन पहले कृषि पदाधिकारी भी गिरफ्तार
गौरतलब है कि मंगलवार को भी विजिलेंस टीम ने बड़ी कार्रवाई करते हुए प्रभारी जिला कृषि पदाधिकारी हिमांशु कुमार को रिश्वत लेते गिरफ्तार किया था। लगातार हो रही इन कार्रवाइयों से जिले में भ्रष्टाचार के खिलाफ सख्त संदेश गया है।
फिलहाल निगरानी टीम आरोपी दारोगा को अपने साथ ले गई है, जहां आगे की पूछताछ और कानूनी प्रक्रिया पूरी की जा रही है।


