मुजफ्फरपुर में निगरानी विभाग का बड़ा धमाका: 15 हजार रिश्वत लेते दारोगा भास्कर मिश्रा गिरफ्तार; सुबह-सुबह विजिलेंस ने थाने में बिछाया जाल

द वॉयस ऑफ बिहार | मुजफ्फरपुर/डेस्क

​बिहार के मुजफ्फरपुर जिले में भ्रष्टाचार के खिलाफ पटना निगरानी अन्वेषण ब्यूरो (विजिलेंस) ने बुधवार की सुबह एक बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया है। शहर के सदर थाना में तैनात 2019 बैच के दारोगा भास्कर मिश्रा को 15 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया गया है। इस कार्रवाई के बाद से जिले के पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया है।

सुबह-सुबह हुई ‘सर्जिकल स्ट्राइक’

​जानकारी के अनुसार, पटना से आई विजिलेंस की टीम ने बुधवार तड़के ही सदर थाना क्षेत्र में घेराबंदी कर दी थी। जैसे ही दारोगा भास्कर मिश्रा ने रिश्वत की रकम पकड़ी, पहले से तैयार बैठी निगरानी की टीम ने उन्हें दबोच लिया।

  • वजह: आरोपी दारोगा किसी मामले में पीड़ित को राहत देने या केस को रफा-दफा करने के नाम पर रुपयों की मांग कर रहे थे।
  • शिकायत: पीड़ित ने इस अवैध मांग की जानकारी पटना स्थित निगरानी कार्यालय में दी थी, जिसके बाद मामले का सत्यापन कराया गया और जाल बिछाया गया।

2019 बैच के अधिकारी पर गिरी गाज

​गिरफ्तार दारोगा भास्कर मिश्रा 2019 बैच के पुलिस अधिकारी हैं। युवा अधिकारी का इस तरह भ्रष्टाचार के मामले में पकड़ा जाना विभाग के लिए बड़ी शर्मिंदगी का विषय बना हुआ है।

  • विजिलेंस की हिरासत: गिरफ्तारी के तुरंत बाद टीम आरोपी दारोगा को अपने साथ लेकर गुप्त स्थान पर चली गई, जहां उनसे पूछताछ की जा रही है।
  • कानूनी प्रक्रिया: कागजी कार्रवाई पूरी करने के बाद उन्हें पटना स्थित निगरानी की विशेष अदालत में पेश किया जाएगा।

पुलिस महकमे में मची खलबली

​मुजफ्फरपुर के व्यस्ततम थानों में शुमार ‘सदर थाना’ में हुई इस गिरफ्तारी ने अन्य पुलिसकर्मियों के बीच भी दहशत पैदा कर दी है। जिले के वरीय अधिकारियों को मामले की सूचना दे दी गई है।

विजिलेंस टीम का संदेश: “भ्रष्टाचार के खिलाफ हमारी जीरो टॉलरेंस की नीति जारी रहेगी। आम नागरिक किसी भी सरकारी सेवक द्वारा रिश्वत मांगे जाने पर निसंकोच शिकायत दर्ज करा सकते हैं।”

द वॉयस ऑफ बिहार का विश्लेषण: वर्दी और रिश्वत का खेल कब थमेगा?

​मुजफ्फरपुर में हाल के दिनों में यह पहली घटना नहीं है जब खाकी धारी निगरानी के हत्थे चढ़े हों। एक तरफ सरकार पुलिस की छवि सुधारने की कोशिश कर रही है, वहीं दूसरी तरफ कुछ भ्रष्ट अधिकारियों के कारण पूरी पुलिस व्यवस्था पर सवाल खड़े हो रहे हैं। 2019 बैच के युवा अधिकारी का भ्रष्टाचार में संलिप्त होना यह दर्शाता है कि लालच की जड़ें कितनी गहरी हो चुकी हैं।

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