पटना (बिहार): बिहार में मंगलवार से मैट्रिक परीक्षा का आयोजन शुरू हो गया। हालांकि कई जिलों में परीक्षार्थियों को समय पर परीक्षा केंद्र में प्रवेश न मिलने के कारण परेशानी का सामना करना पड़ा।
देरी के कारण प्रवेश रोक दिया गया
पटना के मिलर हाई स्कूल में परीक्षा केंद्र के बाहर परीक्षार्थी और अभिभावक दोनों परेशान दिखाई दिए। एक अभिभावक ने बताया कि दो परीक्षार्थी 9 बजे तक पहुंचे, लेकिन कर्मियों ने गेट ठीक 9 बजे बंद कर दिया।
नवादा से ट्रेन से आने वाले चार परीक्षार्थी ट्रेन लेट होने के कारण परीक्षा से वंचित हो गए। अभिभावकों ने कहा,
“ट्रेन लेट होना या शहर में ट्रैफिक जाम होना परीक्षार्थियों की गलती नहीं है। उन्हें प्रवेश देना चाहिए।”
1 मिनट की देरी पर वंचित
बेतिया के सेंट टेरेसा हाई स्कूल और उर्दू अमना हाई स्कूल में 1 मिनट की देरी से पहुंचे छात्रों को प्रवेश नहीं दिया गया। छात्राओं ने दीवार फांदकर केंद्र में प्रवेश करने की कोशिश की, लेकिन सफल नहीं हो सकीं।
खुशी कुमारी नामक छात्रा ने बताया,
“मैं अकेली आई थी, चार और छात्राएं भी थीं। केंद्र पर आए तो कहा कि तुम लेट हो गई हो, इसलिए नहीं जाने देंगे। मेरा एक साल बर्बाद हो गया।”
बक्सर के एमपी हाई स्कूल में भी ऐसी घटना हुई, जहां एक छात्रा 8 फीट ऊंची दीवार फांदकर प्रवेश करने की कोशिश करने के बावजूद परीक्षा से वंचित रह गई।
नियम क्या कहते हैं
बिहार विद्यालय परीक्षा समिति के अनुसार:
- पहली पाली: 9:30 से 12:45 बजे तक। परीक्षार्थी को 9 बजे तक प्रवेश लेना अनिवार्य।
- दूसरी पाली: 2:00 से 5:15 बजे तक। परीक्षार्थी को 1:30 बजे तक प्रवेश लेना अनिवार्य।
- निर्धारित समय के बाद किसी को प्रवेश नहीं दिया जाएगा।
परीक्षा केंद्र और परीक्षार्थी संख्या
- बिहार में 1,699 परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं।
- कुल परीक्षार्थी: 15,12,687 (छात्राएं: 7,85,722; छात्र: 7,26,961)।
- पहली पाली: 7,58,633 परीक्षार्थी।
- दूसरी पाली: 7,54,054 परीक्षार्थी।
- पहले दिन राज्यभर में भाषा विषय की परीक्षा आयोजित की गई।


