- रिंग ऑफ फायर: आज लगेगा साल का पहला वलयाकार सूर्य ग्रहण; चंद्रमा की दूरी के कारण सूर्य कंगन जैसा दिखेगा, जिसे ‘रिंग ऑफ फायर’ कहा जाता है।
- भारत में असर: यह ग्रहण भारत में दिखाई नहीं देगा, इसलिए यहां सूतक काल मान्य नहीं होगा; अफ्रीका और दक्षिण अमेरिका में दिखेगा अद्भुत नजारा।
- ग्रहों का खेल: कुंभ राशि में 64 साल बाद सूर्य और राहु की युति; चतुर्ग्रही योग और मंगल के उच्च होने से ज्योतिषीय दृष्टि से यह घटना बेहद खास।
द वॉयस ऑफ बिहार (डेस्क/धर्म-ज्योतिष)
साल 2026 का पहला सूर्य ग्रहण (Solar Eclipse) आज लगने जा रहा है। खगोलीय घटनाओं में रुचि रखने वालों के लिए यह एक रोमांचक दिन है, क्योंकि आज आसमान में ‘रिंग ऑफ फायर’ (Ring of Fire) का नजारा देखने को मिलेगा। हालांकि, भारतीय आकाश में यह घटना दृश्य नहीं होगी।
कब से कब तक रहेगा ग्रहण?
ज्योतिषाचार्य पंडित राज मिश्रा के अनुसार, भारतीय समयानुसार यह सूर्य ग्रहण दोपहर 3 बजकर 26 मिनट पर शुरू होगा और शाम 7 बजकर 57 मिनट पर समाप्त होगा।
- अवधि: ग्रहण की कुल अवधि लगभग 4 घंटे 32 मिनट रहेगी।
- क्या है वलयाकार ग्रहण: जब चंद्रमा पृथ्वी से दूर होता है, तो वह सूर्य को पूरी तरह नहीं ढक पाता। इस स्थिति में सूर्य का बाहरी हिस्सा एक चमकती हुई अंगूठी जैसा दिखता है, जिसे ‘रिंग ऑफ फायर’ कहते हैं।
भारत में सूतक नहीं, कहां दिखेगा ग्रहण?
चूंकि यह ग्रहण भारत में दिखाई नहीं देगा, इसलिए धार्मिक मान्यताओं के अनुसार यहां सूतक काल (Sutak Kaal) मान्य नहीं होगा। यानी पूजा-पाठ और शुभ कार्यों पर कोई रोक नहीं होगी।
- दृश्यता: यह ग्रहण जिम्बाब्वे, दक्षिण अफ्रीका, तंजानिया, अर्जेंटीना, चिली और अंटार्कटिका के कुछ हिस्सों में देखा जा सकेगा।
- अदृश्य: भारत, नेपाल, श्रीलंका, पाकिस्तान और ऑस्ट्रेलिया समेत एशिया के अधिकांश देशों में यह नजर नहीं आएगा।
64 साल बाद बना दुर्लभ संयोग
ज्योतिषीय नजरिए से यह ग्रहण बेहद महत्वपूर्ण है। यह ग्रहण कुंभ राशि (Aquarius) और धनिष्ठा नक्षत्र में लग रहा है।
- सूर्य-राहु युति: करीब 64 वर्षों बाद कुंभ राशि में सूर्य और राहु एक साथ आ रहे हैं।
- चतुर्ग्रही योग: कुंभ राशि में चार ग्रहों का मिलन (चतुर्ग्रही योग) हो रहा है।
- मंगल और गुरु: मंगल अपनी उच्च अवस्था में गोचर कर रहे हैं, जो ऊर्जा का कारक है। वहीं, देवगुरु बृहस्पति भी इस वर्ष अपनी उच्च राशि में प्रवेश करेंगे।
ग्रहण के दौरान अफवाहों से बचें, भारत में सामान्य दिनचर्या रहेगी।


