- नमन: भारत रत्न जननायक कर्पूरी ठाकुर की पुण्यतिथि पर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने देशरत्न मार्ग स्थित स्मृति संग्रहालय में उनकी प्रतिमा पर किया माल्यार्पण।
- दिग्गजों की मौजूदगी: उपमुख्यमंत्री विजय कुमार सिन्हा समेत कई मंत्री और विधायक रहे मौजूद; कर्पूरी ठाकुर के परिजनों ने भी दी श्रद्धांजलि।
- भक्तिमय माहौल: कला, संस्कृति एवं युवा विभाग ने आयोजित की सर्वधर्म प्रार्थना; जननायक के जीवन पर आधारित गीतों और भजनों की हुई प्रस्तुति।
द वॉयस ऑफ बिहार (पटना/ब्यूरो)
समाजवादी पुरोधा और भारत रत्न (Bharat Ratna) से सम्मानित जननायक कर्पूरी ठाकुर (Karpoori Thakur) की पुण्यतिथि के अवसर पर आज, 17 फरवरी 2026 को पूरा बिहार उन्हें नमन कर रहा है। राजधानी पटना के देशरत्न मार्ग स्थित जननायक कर्पूरी ठाकुर स्मृति संग्रहालय (Karpoori Thakur Smriti Sangrahalaya) में एक राजकीय समारोह का आयोजन किया गया, जहां मुख्यमंत्री नीतीश कुमार (CM Nitish Kumar) ने जननायक की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की।
मंत्रियों और नेताओं का लगा तांता
इस मौके पर मुख्यमंत्री के साथ बिहार सरकार के कई वरिष्ठ मंत्री और नेता मौजूद रहे।
- प्रमुख चेहरे: उपमुख्यमंत्री विजय कुमार सिन्हा (Vijay Kumar Sinha), ग्रामीण विकास मंत्री श्रवण कुमार, ग्रामीण कार्य मंत्री अशोक चौधरी, कृषि मंत्री रामकृपाल यादव, विधायक श्याम रजक, विधान पार्षद कुमुद वर्मा, पूर्व विधायक अनिल कुमार, जदयू के राष्ट्रीय महासचिव मनीष कुमार वर्मा, बिहार राज्य नागरिक परिषद के महासचिव अरविंद कुमार और बाल अधिकार संरक्षण आयोग के पूर्व सदस्य शिवशंकर निषाद ने भी पुष्पांजलि अर्पित की।
- परिजन: जननायक कर्पूरी ठाकुर के परिजनों ने भी अपनी उपस्थिति दर्ज कराई और उन्हें नमन किया।
प्रशासनिक अधिकारियों की रही मौजूदगी
कार्यक्रम के दौरान राज्य के शीर्ष प्रशासनिक अधिकारी भी मौजूद रहे। इनमें मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव दीपक कुमार, सचिव अनुपम कुमार, सचिव कुमार रवि, विशेष कार्यपदाधिकारी गोपाल सिंह, सचिव डॉ. चन्द्रशेखर सिंह, कला, संस्कृति विभाग के सचिव प्रणव कुमार, पटना के जिलाधिकारी डॉ. त्यागराजन एस.एम. और वरीय पुलिस अधीक्षक (SSP) कार्तिकेय के. शर्मा शामिल थे।
गीत-संगीत के जरिए याद किए गए जननायक
श्रद्धांजलि सभा के दौरान कला, संस्कृति एवं युवा विभाग (Art, Culture and Youth Department) की ओर से सर्वधर्म प्रार्थना (All-faith prayer) का आयोजन किया गया। कलाकारों ने भारत रत्न कर्पूरी ठाकुर के जीवन और उनके कार्यों पर आधारित गीत, भजन, कीर्तन और निर्गुण गीतों की प्रस्तुति दी, जिससे माहौल भक्तिमय और भावनात्मक हो गया।
जननायक के विचार आज भी प्रासंगिक हैं।


