दाखिल-खारिज में ‘घूस’ का खेल खत्म; कोईलवर अंचल का क्लर्क 10 हजार लेते गिरफ्तार, निगरानी ने रंगेहाथ दबोचा

  • बड़ी कार्रवाई: भोजपुर के कोईलवर अंचल कार्यालय में निगरानी विभाग का छापा; दाखिल-खारिज के नाम पर रिश्वत ले रहे लिपिक (Clerk) को रंगेहाथ किया गिरफ्तार।
  • सौदा: एक साल से अटकी थी फाइल; पहले लिए थे 3500 रुपये, अब काम पूरा करने के लिए मांग रहा था 15 हजार, 10 हजार में तय हुआ था सौदा।
  • टीम: डीएसपी अशोक झा के नेतृत्व में पटना से आई टीम ने बिछाया जाल; 13 फरवरी को किसान ने की थी शिकायत, सोमवार को दबोचा गया।

द वॉयस ऑफ बिहार (भोजपुर/कोईलवर)

​बिहार में भ्रष्टाचार के खिलाफ निगरानी अन्वेषण ब्यूरो (Vigilance Investigation Bureau) का डंडा लगातार चल रहा है। ताजा मामला भोजपुर (Bhojpur) जिले के कोईलवर अंचल कार्यालय (Koilwar Circle Office) का है, जहां दाखिल-खारिज (Mutation) के नाम पर अवैध वसूली कर रहे एक लिपिक (Clerk) को निगरानी की टीम ने सोमवार को 10 हजार रुपये रिश्वत लेते हुए रंगेहाथ गिरफ्तार कर लिया। इस कार्रवाई के बाद अंचल कार्यालय में हड़कंप मच गया है।

एक साल से चक्कर काट रहा था किसान

​मामला कोईलवर पंचायत के किसान मुनील कुमार (Munil Kumar) से जुड़ा है।

  • प्रताड़ना: मुनील ने अपनी जमीन के दाखिल-खारिज के लिए आवेदन दिया था। आरोप है कि अंचल कार्यालय के लिपिक ने काम करने के बदले पहले ही उनसे 3500 रुपये वसूल लिए थे।
  • अड़ंगा: पैसे लेने के बावजूद लिपिक ने उनका काम नहीं किया और एक साल तक फाइल दबाकर बैठा रहा। जब किसान ने दबाव बनाया, तो फाइल आगे बढ़ाने के लिए 15 हजार रुपये की और मांग की गई। काफी विनती के बाद सौदा 10 हजार रुपये में तय हुआ।

पटना से आई टीम ने ऐसे दबोचा

​रिश्वतखोरी से परेशान होकर किसान ने 13 फरवरी को निगरानी विभाग, पटना में इसकी लिखित शिकायत दर्ज कराई।

  • सत्यापन: निगरानी ने आरोपों की जांच की और मामला सही पाया।
  • गिरफ्तारी: इसके बाद डीएसपी अशोक झा (DSP Ashok Jha) के नेतृत्व में एक धाकड़ टीम गठित की गई। सोमवार को जैसे ही लिपिक ने किसान से रिश्वत की रकम थामी, पहले से घात लगाए निगरानी की टीम ने उसे मौके पर ही दबोच लिया।
  • टीम: छापेमारी दल में इंस्पेक्टर अविनाश कुमार झा, एसआई त्रिपुरारी प्रसाद सहित कई पुलिसकर्मी और महिला कांस्टेबल शामिल थीं।

भ्रष्टाचारियों में खौफ

​कोईलवर में हुई इस कार्रवाई से भ्रष्ट कर्मचारियों में खौफ का माहौल है। स्थानीय लोगों ने निगरानी की इस कार्रवाई की सराहना की है। लोगों का कहना है कि अंचल कार्यालयों में बिना चढ़ावे के काम कराना मुश्किल हो गया है, ऐसे में यह गिरफ्तारी एक नजीर पेश करेगी।

भ्रष्टाचार के खिलाफ आवाज उठाना ही इसका सबसे बड़ा इलाज है।

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