बिहार के मंत्री अशोक चौधरी ने पाटलिपुत्र विश्वविद्यालय में सहायक प्राध्यापक के रूप में संभाला कार्यभार

पटना। बिहार सरकार के भवन निर्माण मंत्री और जदयू के वरिष्ठ नेता अशोक चौधरी ने उच्च शिक्षा के क्षेत्र में अपनी नई पारी की शुरुआत कर दी है। उन्होंने पाटलिपुत्र विश्वविद्यालय में राजनीति विज्ञान विभाग में सहायक प्राध्यापक के रूप में औपचारिक रूप से कार्यभार संभाला है।

राज्य में मंत्री और विधान परिषद सदस्य रहते हुए अब अशोक चौधरी छात्रों को कक्षा में राजनीति विज्ञान का व्यवहारिक और सैद्धांतिक ज्ञान देंगे।


सहायक प्राध्यापक का पदभार

इस अवसर पर अशोक चौधरी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर कहा कि यह उनके लिए अत्यंत हर्ष और गौरव का क्षण है। उन्होंने कहा कि नई जिम्मेदारी और संकल्प के साथ वे विश्वविद्यालय में अपनी सेवाएं प्रारंभ कर रहे हैं।

उन्होंने मगध विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. एस. पी. शाही, पाटलिपुत्र विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. उपेंद्र कुमार और कुलसचिव अबू बकर रिजवी का आभार व्यक्त किया, जिनके मार्गदर्शन में उन्हें कार्य करने का अवसर मिला।


शिक्षा और शोध की पृष्ठभूमि

अशोक चौधरी ने राजनीति विज्ञान में शोध कार्य पूरा कर पीएचडी की उपाधि प्राप्त की है। इसके अलावा, उन्होंने जाति सर्वेक्षण की प्रासंगिकता विषय पर डी.लिट की उपाधि भी हासिल की। उनकी उच्च शिक्षा और शोध का आधार मगध विश्वविद्यालय रहा है।

2020 में बिहार के विभिन्न विश्वविद्यालयों में सहायक प्राध्यापक पदों के लिए आवेदन किया गया था, और चयन प्रक्रिया पूरी होने के बाद जून 2025 में उनका चयन हुआ।


अकादमिक योगदान और छात्रों के लिए लाभ

जदयू नेता अभिषेक झा का कहना है कि अशोक चौधरी का प्रशासनिक अनुभव और संसदीय प्रक्रिया की प्रत्यक्ष समझ छात्रों को राजनीति का व्यवहारिक दृष्टिकोण समझने में मदद करेगी। वे कक्षा में संविधान, लोकतंत्र, शासन व्यवस्था और सार्वजनिक नीति जैसे विषयों को अपने अनुभव के साथ जोड़कर पढ़ाएंगे।

अभिषेक झा ने कहा:
“राजनीति में सक्रिय रहते हुए विश्वविद्यालय में पढ़ाना एक दुर्लभ उदाहरण है। इससे छात्रों को यह समझने का अवसर मिलेगा कि सैद्धांतिक ज्ञान और व्यावहारिक राजनीति में किस तरह का संबंध होता है। इससे विश्वविद्यालय की शैक्षणिक छवि मजबूत होगी और छात्रों को प्रेरणा मिलेगी कि वे पढ़ाई के साथ समाज और लोकतंत्र में अपनी भूमिका तय करें।”


इस नियुक्ति के साथ ही अशोक चौधरी की अकादमिक और राजनीतिक यात्रा दोनों क्षेत्रों में छात्रों और शिक्षकों के लिए एक प्रेरणास्त्रोत बन गई है।

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