- शर्मनाक करतूत: शेखपुरा के बरबीघा में शिक्षा का मंदिर कलंकित; सरकारी स्कूल के शिक्षक ने 10 वर्षीय छात्र को ऑफिस में बुलाकर किया अप्राकृतिक यौनाचार (Unnatural Sex)।
- खिड़की से खुला राज: ऑफिस में चल रही थी अश्लील हरकत, तभी सहपाठियों ने खिड़की से देख लिया मंजर; डरकर भागने की फिराक में था आरोपी।
- एक्शन: ग्रामीणों के गुस्से के बाद पुलिस ने आरोपी शिक्षक सदन कुमार को किया गिरफ्तार; शिक्षा विभाग ने भी की बर्खास्तगी की अनुशंसा।
द वॉयस ऑफ बिहार (शेखपुरा/बरबीघा)
गुरु-शिष्य की परंपरा को तार-तार करने वाली एक घटना शेखपुरा (Sheikhpura) जिले के बरबीघा थाना क्षेत्र (Barbigha Police Station) से सामने आई है। यहां एक सरकारी मध्य विद्यालय के शिक्षक ने हवस में अंधे होकर 6ठी कक्षा के एक मासूम छात्र को अपनी शिकार बना लिया। पुलिस ने आरोपी शिक्षक सदन कुमार (Sadan Kumar) को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है।
ऑफिस में बुलाकर पार की मर्यादा
घटना बीते 11 फरवरी की है।
- बहलाया-फुसलाया: आरोपी शिक्षक सदन कुमार, जो सामस (Samas) का ही निवासी है, ने 10 वर्षीय छात्र को बहला-फुसलाकर स्कूल के ऑफिस में बुलाया।
- दरिंदगी: आरोप है कि वहां शिक्षक ने मर्यादा की सारी हदें पार करते हुए छात्र के साथ अश्लील हरकतें और अप्राकृतिक यौनाचार शुरू कर दिया।
- चश्मदीद: इसी दौरान खेल रहे कुछ सहपाठियों की नजर ऑफिस की खिड़की पर पड़ी, जहां उन्होंने यह खौफनाक मंजर देख लिया। पोल खुलते देख शिक्षक ने बच्चे को धमकाकर भगा दिया।
भीड़ के हत्थे चढ़ा शिक्षक
डरे-सहमे छात्र ने जब अपने दोस्तों और परिजनों को आपबीती सुनाई, तो गांव में कोहराम मच गया।
- हंगामा: आक्रोशित ग्रामीण और परिजन स्कूल पहुंच गए और आरोपी शिक्षक को घेर लिया।
- कबूलनामा: प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, भीड़ के दबाव में शिक्षक ने अपनी गलती भी स्वीकार कर ली। मौके पर पहुंची पुलिस ने किसी तरह उसे भीड़ से बचाया और हिरासत में लिया।
नौकरी से धोने पड़ेंगे हाथ
इस मामले में पुलिस और प्रशासन दोनों सख्त हैं।
- पुलिस: एसडीपीओ (SDPO) डॉ. राकेश कुमार ने बताया कि पीड़ित परिवार की शिकायत पर एफआईआर दर्ज कर आरोपी को जेल भेज दिया गया है।
- शिक्षा विभाग: शिक्षा विभाग के डीपीओ (DPO) रवि शास्त्री ने थाने पहुंचकर मामले की जानकारी ली। उन्होंने कहा कि आरोपी शिक्षक के खिलाफ कड़ी विभागीय कार्रवाई और सेवा समाप्ति की अनुशंसा की गई है।
बच्चों की सुरक्षा सबसे बड़ी प्राथमिकता है।


