- अमानवीय सजा: बिहार के मुजफ्फरपुर में मां ने मासूम बेटी के स्कूल बैग में भरी ईंटें; अनुशासन के नाम पर सड़क पर बेरहमी से पीटा, वीडियो वायरल।
- पब्लिक का विरोध: बच्ची की चीखें सुनकर जुटे राहगीरों ने महिला को रोकने की कोशिश की, तो उनसे ही उलझ गई महिला।
- SSP ने लिया संज्ञान: वीडियो सामने आते ही मुजफ्फरपुर SSP कंटेश कुमार मिश्रा ने दिए जांच के आदेश; बाल कल्याण समिति (CWC) भी हुई सक्रिय, जुवेनाइल जस्टिस एक्ट के तहत होगी कार्रवाई।
द वॉयस ऑफ बिहार (मुजफ्फरपुर/ब्यूरो)
बिहार के मुजफ्फरपुर (Muzaffarpur) से एक ऐसा वीडियो सामने आया है, जिसने ममता को शर्मसार कर दिया है। सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहे इस वीडियो में एक महिला अपनी ही मासूम बेटी के साथ अमानवीय व्यवहार करती नजर आ रही है। अनुशासन सिखाने के नाम पर बच्ची को दी गई इस क्रूर सजा को देखकर लोगों में भारी आक्रोश है।
बैग में ईंट और सड़क पर पिटाई
वायरल वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि सड़क किनारे खड़ी यह महिला अपनी छोटी बच्ची की बेरहमी से पिटाई कर रही है।
- क्रूरता: हद तो तब हो गई जब महिला ने सजा के तौर पर बच्ची के स्कूल बैग में भारी ईंटें भर दीं।
- पीड़ा: बोझ से दबी बच्ची रोती-बिलखती रही और खुद को छुड़ाने की गुहार लगाती रही, लेकिन मां का दिल नहीं पसीजा।
लोगों ने रोका तो करने लगी बहस
बच्ची की चीखें सुनकर आसपास के राहगीर मौके पर जमा हो गए।
- विरोध: चश्मदीदों ने महिला को रोकने का प्रयास किया और यहां तक सुझाव दिया कि यदि वह बच्ची को नहीं रख सकती, तो उसे किसी आश्रम भेज दे।
- प्रतिक्रिया: अपनी गलती मानने के बजाय महिला लोगों से ही उलझ गई और बहस करने लगी। अंत में वह बच्ची को उसी हाल में अपने साथ लेकर चली गई।
पुलिस और प्रशासन सख्त
वीडियो के वायरल होने के बाद जिला प्रशासन हरकत में आ गया है।
- जांच: मुजफ्फरपुर के SSP कंटेश कुमार मिश्रा (SSP Kantesh Kumar Mishra) ने मामले का स्वतः संज्ञान लेते हुए जांच के कड़े निर्देश दिए हैं। पुलिस वीडियो की सत्यता और घटना के सटीक स्थान (लोकेशन) की पहचान कर रही है।
- CWC की एंट्री: एसएसपी ने निर्देश दिया है कि बाल कल्याण समिति (CWC) को भी मामले से जोड़ा जाए ताकि बच्ची की सुरक्षा और स्वास्थ्य की जांच हो सके।
- कार्रवाई: प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि यदि यह बाल उत्पीड़न (Child Abuse) का मामला पाया जाता है, तो दोषी महिला के खिलाफ जुवेनाइल जस्टिस (JJ) एक्ट के तहत सख्त कार्रवाई की जाएगी।
बच्चों के प्रति ऐसी क्रूरता स्वीकार्य नहीं है।


