- डिजिटल क्रांति: भागलपुर में एग्रो स्टैक परियोजना के तहत फार्मर रजिस्ट्री एवं ई-केवाईसी कार्यक्रम का आगाज; टाउन हॉल में हुआ भव्य आयोजन।
- उद्घाटन: जिलाधिकारी डॉ. नवल किशोर चौधरी और डीडीसी प्रदीप कुमार सिंह ने दीप प्रज्वलित कर की शुरुआत; जिले के सभी बीडीओ-सीओ रहे मौजूद।
- फायदा: तैयार होगा किसानों का डिजिटल डेटाबेस; सरकारी योजनाओं का लाभ मिलेगा पारदर्शी और आसान तरीके से।
द वॉयस ऑफ बिहार (भागलपुर/ब्यूरो)
भागलपुर (Bhagalpur) के किसानों को अब सरकारी योजनाओं के लिए दफ्तरों के चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे। जिले में डिजिटल एग्रीकल्चर मिशन (Digital Agriculture Mission) के तहत एक नई क्रांति की शुरुआत हुई है। टाउन हॉल (Town Hall) में आयोजित एक कार्यक्रम में एग्रो स्टैक परियोजना (Agro Stack Project) के तहत फार्मर रजिस्ट्री और ई-केवाईसी का विधिवत उद्घाटन किया गया।
अधिकारियों ने जलाई दीप
कार्यक्रम का उद्घाटन भागलपुर के जिलाधिकारी डॉ. नवल किशोर चौधरी (Dr. Naval Kishore Chaudhary) और उप विकास आयुक्त (DDC) प्रदीप कुमार सिंह (Pradeep Kumar Singh) ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित कर किया। इस मौके पर जिले के सभी प्रखंड विकास पदाधिकारी (BDO), अंचलाधिकारी (CO) और कई जनप्रतिनिधि मौजूद रहे।
क्या है फार्मर रजिस्ट्री?
कार्यक्रम में अधिकारियों ने किसानों को बताया कि फार्मर रजिस्ट्री के जरिए उनका एक डिजिटल डेटाबेस (Digital Database) तैयार किया जाएगा।
- उद्देश्य: इससे किसानों को सरकारी योजनाओं का लाभ पारदर्शिता के साथ और आसानी से मिल सकेगा।
- ई-केवाईसी: किसानों को ई-केवाईसी की प्रक्रिया और जरूरी दस्तावेजों के बारे में भी विस्तार से जानकारी दी गई।
तकनीक से बढ़ेगी आय
जिलाधिकारी ने अपने संबोधन में कहा कि डिजिटल कृषि व्यवस्था से किसानों को तकनीक से जोड़ा जा रहा है। इसका सीधा मकसद उनकी आय बढ़ाना और बिचौलियों को हटाकर योजनाओं का सीधा लाभ उन तक पहुंचाना है।
किसानों के लिए यह डिजिटल पहल मील का पत्थर साबित होगी।


