
- इलाज बना काल: नवादा के मुफस्सिल थाना क्षेत्र में झोलाछाप डॉक्टर की लापरवाही ने ली जान; घुटने के दर्द से राहत पाने गई 55 वर्षीय महिला को लगाया गलत इंजेक्शन।
- तड़पकर तोड़ा दम: इंजेक्शन लगते ही पैर में आई भारी सूजन और बढ़ गया दर्द; निजी क्लीनिकों ने किया भर्ती करने से इनकार, सदर अस्पताल पहुंचने पर डॉक्टरों ने मृत घोषित किया।
- चिकित्सक की पुष्टि: सदर अस्पताल के डॉक्टर शशिकांत ने कहा- गलत इंजेक्शन और संक्रमण से हुई मौत; परिजनों ने झोलाछाप के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने का लिया फैसला।
द वॉयस ऑफ बिहार (नवादा)
नवादा (Nawada) में स्वास्थ्य व्यवस्था की पोल खोलती एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है। यहाँ एक झोलाछाप डॉक्टर (Quack Doctor) के नीम-हकीमी इलाज ने एक हंसते-खेलते परिवार की खुशियां छीन लीं। मुफस्सिल थाना क्षेत्र (Mufassil Thana) के शिवचरण बीघा (Shivcharan Bigha) गांव में घुटने के दर्द का इलाज कराने गई एक 55 वर्षीय महिला की गलत इंजेक्शन लगाने से मौत हो गई।
राहत की उम्मीद में मिली मौत
मृतका की पहचान कोसमा देवी (Kosma Devi), पत्नी- राम नंदन प्रसाद के रूप में हुई है। मृतका के दामाद उपेंद्र प्रसाद ने बताया कि कोसमा देवी पिछले कुछ समय से घुटने के दर्द से परेशान थीं।
- भरोसा टूटा: दर्द से राहत पाने के लिए वे गांव के ही एक झोलाछाप डॉक्टर के पास पहुंचीं। डॉक्टर ने उचित जांच के बिना उन्हें ठीक करने का भरोसा दिलाते हुए घुटने में एक अज्ञात इंजेक्शन लगा दिया।
इंजेक्शन लगते ही बिगड़ी हालत
इलाज के नाम पर लगाया गया वह इंजेक्शन महिला के लिए काल साबित हुआ। इंजेक्शन लगते ही दर्द कम होने के बजाय असहनीय हो गया और पैर में देखते ही देखते भारी सूजन आ गई।
- अफरा-तफरी: घबराए परिजन उन्हें लेकर नवादा के कई निजी क्लीनिकों में गए, लेकिन उनकी गंभीर हालत देख डॉक्टरों ने हाथ खड़े कर दिए और सरकारी अस्पताल ले जाने को कहा।
सदर अस्पताल में मौत की पुष्टि
परिजन आनन-फानन में उन्हें नवादा सदर अस्पताल (Sadar Hospital) ले गए, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी। वहां मौजूद डॉक्टर शशिकांत ने जांच के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया। डॉक्टर ने स्पष्ट किया कि गलत इंजेक्शन के कारण पैर में संक्रमण और अत्यधिक सूजन फैल गई थी, जो मौत का कारण बनी।
इस घटना के बाद परिजनों में भारी आक्रोश है और उन्होंने आरोपी डॉक्टर के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई और मुकदमा दर्ज कराने का निर्णय लिया है। बता दें कि इससे पहले अकबरपुर में भी झोलाछाप डॉक्टर की लापरवाही से एक महिला की जान जा चुकी है।
झोलाछाप डॉक्टरों का यह जाल जानलेवा होता जा रहा है।


