पटना में नीट छात्रा मामले के बाद भागलपुर पुलिस अलर्ट: गर्ल्स हॉस्टल्स के लिए नई गाइडलाइन जारी; लड़कों की एंट्री बैन, बायोमेट्रिक हाजिरी और CCTV अनिवार्य

भागलपुर | पटना में नीट (NEET) की छात्रा के साथ हुई अमानवीय घटना के बाद बिहार सरकार और पुलिस प्रशासन हरकत में आ गया है। गृह मंत्री सम्राट चौधरी के कड़े निर्देश के बाद शिक्षा के दूसरे सबसे बड़े केंद्र (हब) भागलपुर में पुलिस ने गर्ल्स हॉस्टल्स की सुरक्षा को लेकर बड़ा अभियान छेड़ दिया है। एसएसपी और सिटी एसपी ने शहर के हॉस्टल संचालकों के साथ एक हाई-लेवल मीटिंग की और सुरक्षा के नए मानकों को सख्ती से लागू करने का आदेश दिया।

खबर की 3 सबसे बड़ी बातें:

  • सख्त पहरा: हॉस्टल्स में अब लड़कों की एंट्री पूरी तरह बैन रहेगी; 24 घंटे महिला वार्डन की मौजूदगी अनिवार्य।
  • हाईटेक सुरक्षा: केवल रजिस्टर से काम नहीं चलेगा, अब बायोमेट्रिक अटेंडेंस और हाई-रिजॉल्यूशन CCTV कैमरे लगाने होंगे।
  • कोचिंग से लिंक: छात्राओं के हॉस्टल लौटने का समय उनकी कोचिंग की टाइमिंग से मैच किया जाएगा।

SSP-सिटी SP की क्लास: ‘नियम नहीं माने तो होगी कार्रवाई’

​भागलपुर में पटना के बाद सबसे ज्यादा गर्ल्स हॉस्टल हैं, इसलिए यहां खतरा भी ज्यादा है। इसे देखते हुए एसएसपी, सिटी एसपी और डीएसपी ने सभी थाना क्षेत्रों के हॉस्टल संचालकों को तलब किया।

बैठक में प्रशासन ने दो टूक कहा कि छात्राओं की सुरक्षा से कोई समझौता नहीं किया जाएगा। सिटी एसपी ने निर्देश दिया कि तैयार की गई नई नियमावली (SOP) का हर हाल में पालन करना होगा।

  • हर साल रिन्यूअल: अब हॉस्टल्स का रजिस्ट्रेशन सिर्फ एक बार नहीं, बल्कि हर साल रिन्यू (Renewal) कराना होगा, ताकि सुरक्षा मानकों की नियमित जांच हो सके।

क्या है नई ‘हॉस्टल नियमावली’?

​पुलिस और प्रशासन ने हॉस्टल संचालकों को 5 सूत्री एजेंडे पर काम करने को कहा है:

  1. CCTV की निगरानी: हॉस्टल के एंट्री और एग्जिट गेट पर हाई-क्वालिटी कैमरे होने चाहिए, जिनका बैकअप सुरक्षित रहे।
  2. वार्डन की तैनाती: हॉस्टल में 24 घंटे एक जिम्मेदार महिला वार्डन का होना अनिवार्य है।
  3. नो एंट्री फॉर बॉयज: किसी भी परिस्थिति में हॉस्टल के अंदर बाहरी लड़कों या पुरुषों का प्रवेश वर्जित रहेगा।
  4. एंट्री-एक्जिट रिकॉर्ड: छात्राओं के आने-जाने का समय रजिस्टर के साथ-साथ बायोमेट्रिक सिस्टम से भी दर्ज होगा।
  5. कोचिंग टाइमिंग का सिंक: शाम में छात्राओं की एंट्री का समय उनकी कोचिंग क्लास के खत्म होने के समय के आधार पर तय किया जाएगा, ताकि बीच के गैप में कोई अनहोनी न हो।

संचालकों ने कहा- ‘बेटियों की सुरक्षा के लिए हम तैयार’

​पुलिस की इस सख्ती का हॉस्टल संचालकों ने भी स्वागत किया है। बैठक में मौजूद संचालकों ने कहा कि प्रशासन का यह कदम सराहनीय है।

संचालकों का पक्ष: “हम पहले से भी कई नियमों का पालन कर रहे थे, लेकिन अब जो नए नियम (जैसे बायोमेट्रिक और रिन्यूअल) जोड़े गए हैं, वे छात्राओं की सुरक्षा के लिए बेहद जरूरी हैं। हम प्रशासन का पूरा सहयोग करेंगे।”

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