- पुलिस पहरे में धमकी: नीट छात्रा के जहानाबाद स्थित पैतृक घर में फेंका गया धमकी भरा पर्चा; लिखा- ‘मार दिए जाओगे’, दहशत में परिवार।
- एक्शन में सीबीआई: पटना के शंभू गर्ल्स हॉस्टल पहुंची 6 सदस्यीय टीम; 4 घंटे चली जांच, मृतका के कमरे की 25 मिनट तक ली गई तलाशी और सीन रीक्रिएट किया।
- अहम सबूत जब्त: हॉस्टल से छात्रा का बिस्तर, किताबें और सामान 4 बोरों में भरकर ले गई जांच एजेंसी; सीसीटीवी फुटेज और हॉस्टल की चौहद्दी भी खंगाली।
द वॉयस ऑफ बिहार (पटना/जहानाबाद)
पटना (Patna) के बहुचर्चित नीट छात्रा मौत मामले में शनिवार का दिन बेहद गहमागहमी भरा रहा। एक तरफ पटना में सीबीआई (CBI) ने जांच की रफ्तार तेज कर दी है, वहीं दूसरी तरफ जहानाबाद (Jehanabad) में पीड़ित परिवार को खुलेआम जान से मारने की धमकी दी गई है।
पुलिस की मौजूदगी में फेंका धमकी भरा पर्चा
सबसे हैरान करने वाली खबर मृतका के पैतृक गांव शकूराबाद (Shakurabad) से आई है। शनिवार सुबह करीब 11 बजे, जब घर पर पुलिस का पहरा था, किसी ने किचन की खिड़की से एक पर्चा अंदर फेंका।
- क्या लिखा है पर्चे में: पर्चे पर साफ शब्दों में लिखा था- “ज्यादा तेज बनोगे तो उठा लिए जाओगे, मार दिए जाओगे।”
- पुलिस की लापरवाही? परिवार की सुरक्षा के लिए घर पर एक सब-इंस्पेक्टर (SI), दो होमगार्ड और एक चौकीदार तैनात हैं। इसके बावजूद अपराधी धमकी देने में कामयाब हो गए। सूचना मिलने पर शकूराबाद थानाध्यक्ष राहुल कुमार मौके पर पहुंचे और पर्चा जब्त कर जांच शुरू की।
पटना हॉस्टल में 4 घंटे चली CBI की रेड
उधर, पटना के चित्रगुप्तनगर स्थित शंभू गर्ल्स हॉस्टल (Shambhu Girls Hostel) में सीबीआई की 6 सदस्यीय टीम शाम 5:45 बजे पहुंची। टीम ने यहां करीब 4 घंटे तक गहन छानबीन की।
- क्राइम सीन रीक्रिएशन: सीबीआई अधिकारियों ने हॉस्टल में घुसने से लेकर कमरे तक जाने का पूरा सीन रीक्रिएट किया। टीम उस कमरे में करीब 25 मिनट तक रही, जहां 6 जनवरी को छात्रा गंभीर हालत में मिली थी।
- मैपिंग और पूछताछ: अधिकारियों ने हॉस्टल की चौहद्दी (Boundary) को कागज पर उकेरा और उसकी मापी कराई। आसपास के दुकानदारों से पूछताछ की गई, जिन्होंने बताया कि घटना के एक हफ्ते पहले तक का सीसीटीवी फुटेज उनके पास मौजूद है।
4 बोरा सबूत ले गई टीम
जांच पूरी होने के बाद सीबीआई की टीम हॉस्टल से चार बोरा सामान अपने साथ ले गई। सूत्रों के मुताबिक, इन बोरों में छात्रा का बेड, किताबें और उसके इस्तेमाल की अन्य चीजें थीं, जिन्हें फॉरेंसिक जांच के लिए भेजा जा सकता है।
एक बेटी को न्याय दिलाने की लड़ाई में परिवार को मिल रही धमकियां गंभीर चिंता का विषय हैं।


