बिहार का ‘आदर्श गांव’: समस्तीपुर की मोतीपुर पंचायत ने पेश की मिसाल; गोबर से गैस और तालाब से तरक्की तक का सफर; PM मोदी ने भी किया सम्मानित

  • बदलाव की कहानी: समस्तीपुर के रोसड़ा की मोतीपुर पंचायत बनी देश के लिए मॉडल; कभी जलभराव से जूझने वाला गांव आज जलवायु संरक्षण में अव्वल।
  • गोबर से समृद्धि: गोवर्धन योजना के तहत घर-घर बायोगैस प्लांट; रसोई गैस का खर्च हुआ शून्य, जैविक खाद से खेती की लागत भी घटी।
  • राष्ट्रीय सम्मान: मुखिया प्रेमा देवी के प्रयासों को मिली पहचान; 2025 में ‘क्लाइमेट एक्शन स्पेशल पंचायत अवार्ड’ के साथ प्रधानमंत्री से मिले 50 लाख रुपये।

द वॉयस ऑफ बिहार (समस्तीपुर)

​बिहार के गांवों में अगर इच्छाशक्ति हो तो तस्वीर कैसे बदल सकती है, इसका जीता-जागता उदाहरण है समस्तीपुर (Samastipur) जिले के रोसड़ा प्रखंड की मोतीपुर पंचायत (Motipur Panchayat)। 2016 में जब प्रेमा देवी (Prema Devi) यहां की मुखिया बनीं, तो गांव जलभराव और गंदगी से जूझ रहा था। लेकिन आज, यह पंचायत न केवल बिहार बल्कि पूरे देश के लिए ग्रामीण विकास का एक मॉडल बन गई है।

जल संरक्षण और क्लाइमेट एक्शन

​जलवायु परिवर्तन के दौर में मोतीपुर ने जल संचयन की अनोखी मिसाल पेश की है।

  • तालाबों का कायाकल्प: पंचायत में अमृत सरोवर और निजी तालाबों का निर्माण व नवीनीकरण किया गया, जिससे 11 एकड़ से अधिक क्षेत्र में जल संचयन हुआ है।
  • मियावाकी जंगल: सरोवरों के आसपास जर्मन तकनीक (Miyawaki) से वृक्षारोपण कर एक लाख से अधिक पौधे लगाए गए हैं, जिससे क्षेत्र हरा-भरा हो गया है।

पोषण वाटिका और स्मार्ट सुविधाएं

​पंचायत में सिर्फ बुनियादी ढांचे पर ही नहीं, बल्कि सेहत और शिक्षा पर भी जोर दिया गया है।

  • पोषण वाटिका: एक एकड़ में फैली इस वाटिका में 25 प्रकार के फलदार और 40 प्रकार के औषधीय पौधे हैं। यहाँ से 60 वर्ष से अधिक के बुजुर्गों और बच्चों को निःशुल्क फल दिए जाते हैं।
  • स्मार्ट क्लास: पंचायत के सभी स्कूलों में स्मार्ट क्लास, सोलर पैनल और चिल्ड्रेन पार्क बनाए गए हैं, जिससे बच्चों का ड्रॉपआउट कम हुआ है।
  • मॉडल हाट: शहरों की तर्ज पर एक ग्रामीण हाट बनाया गया है, जिससे करीब 350 परिवारों को रोजगार मिल रहा है।

राष्ट्रीय स्तर पर डंका

​मुखिया प्रेमा देवी के दूरदर्शी नेतृत्व को कई बार राष्ट्रीय स्तर पर सराहा गया है:

  1. 2020: नानाजी देशमुख राष्ट्रीय गौरव ग्राम सभा पुरस्कार।
  2. 2023: स्वास्थ्य पंचायत पुरस्कार।
  3. 2025: क्लाइमेट एक्शन स्पेशल पंचायत अवार्ड (साथ में 50 लाख रुपये की राशि, जिसे विकास कार्यों में लगाया गया)।

गांधी जी कहते थे- ‘भारत की आत्मा गांवों में बसती है’। मोतीपुर ने इसे सच कर दिखाया है।

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