- शिक्षा में क्रांति: बिहार में केंद्रीय विद्यालयों की संख्या 16 से बढ़कर होगी 35; केंद्र सरकार ने 19 नए स्कूलों के लिए खजाना खोला, 30 हजार छात्रों को मिलेगा फायदा
- मधुबनी को डबल बोनान्जा: मधुबनी जिले में खुलेंगे 2 केंद्रीय विद्यालय; पहली बार ‘बालवाटिका’ (Pre-Primary) से शुरू होगी पढ़ाई
- जमीन फाइनल: पटना, भागलपुर, गया, मुजफ्फरपुर समेत 14 जिलों में जमीन चुनने का काम पूरा; डीएम को बिजली-पानी दुरुस्त करने का निर्देश
द वॉयस ऑफ बिहार (एजुकेशन डेस्क)
बिहार के छात्रों और अभिभावकों के लिए एक बड़ी खुशखबरी है। केंद्र सरकार ने राज्य में शिक्षा का ढांचा मजबूत करने के लिए 19 नए केंद्रीय विद्यालय (Kendriya Vidyalaya) खोलने की मंजूरी दे दी है। इसके लिए 2135.85 करोड़ रुपये का बजट भी पास कर दिया गया है। इन नए स्कूलों के खुलने से राज्य के करीब 30,000 बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा मिल सकेगी।
किन जिलों में खुलेंगे स्कूल?
राज्य सरकार ने जमीन अधिग्रहण का काम लगभग पूरा कर लिया है। रिपोर्ट के मुताबिक, इन जिलों में 4 से 5 एकड़ जमीन चिन्हित कर केंद्र को प्रस्ताव भेज दिया गया है:
- मधुबनी (2 स्कूल)
- पटना
- भागलपुर
- गया
- मुजफ्फरपुर
- पूर्णिया
- दरभंगा
- नालंदा
- मुंगेर
- भोजपुर
- शेखपुरा
- मधेपुरा
- कैमूर
- अरवल
बालवाटिका से 12वीं तक की पढ़ाई
नई शिक्षा नीति के तहत इन स्कूलों में एक बड़ा बदलाव किया गया है। अब यहां बालवाटिका (प्री-प्राइमरी) की कक्षाएं भी चलेंगी, यानी छोटे बच्चों को भी केंद्रीय विद्यालय में पढ़ने का मौका मिलेगा।
- सीटें: हर नए स्कूल में कुल 1520 सीटें होंगी।
- क्लास 1: हर सेक्शन में 40 बच्चे होंगे, जिनमें 25% सीटें RTE (शिक्षा का अधिकार) के तहत आरक्षित रहेंगी।
- क्लास 11: साइंस, आर्ट्स और कॉमर्स मिलाकर 120 सीटें होंगी
कब शुरू होंगे स्कूल?
फिलहाल बिहार में कुल 16 केंद्रीय विद्यालय चल रहे हैं, जो बढ़कर अब 35 हो जाएंगे। जब तक नए भवन बनकर तैयार नहीं होते, तब तक अस्थायी तौर पर सरकारी भवनों में कक्षाएं चलाई जाएंगी। इसके लिए संबंधित डीएम को बिजली, पानी और सड़क जैसी बुनियादी सुविधाएं सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया है।
शिक्षा के क्षेत्र में यह एक बड़ा कदम है।


