भागलपुर: शव दफनाने पर ‘धर्म-युद्ध’; मोहल्ले वालों ने रोका रास्ता, दी ‘हुक्का-पानी’ बंद करने की धमकी!

भागलपुर में अंतिम संस्कार पर ‘धर्म संकट’: सौरभ के शव को दफनाने पर अड़े परिजन, मोहल्ले वाले बोले- जलाना होगा; सामाजिक बहिष्कार की धमकी

  • तिलकामांझी में तनाव: सुरखीकल काली मंदिर के पास सौरभ तांती की मौत के बाद अंतिम संस्कार को लेकर भिड़े दो पक्ष; परिजन बोले- हम ईसाई हैं, दफनाएंगे
  • समाज का अल्टीमेटम: स्थानीय लोगों ने किया विरोध, कहा- हिंदू था सौरभ, हिंदू रीति से हो दाह-संस्कार; नहीं मानने पर दी बहिष्कार की चेतावनी
  • फैसले पर अडिग परिवार: भाभी लक्ष्मी बोलीं- हम यीशु को मानते हैं; भारी विरोध के बीच परिजनों ने शव को दफनाया

द वॉयस ऑफ बिहार (भागलपुर)

​भागलपुर के तिलकामांझी थाना क्षेत्र में एक युवक की मौत के बाद उसके अंतिम संस्कार को लेकर भारी हंगामा खड़ा हो गया। मामला सुरखीकल काली मंदिर के पास का है, जहां सौरभ कुमार तांती नामक युवक के शव को दफनाने और जलाने को लेकर परिजन और स्थानीय लोग आमने-सामने आ गए।

“20 साल पहले अपना चुके हैं ईसाई धर्म”

​विवाद की जड़ धर्मांतरण बताई जा रही है।

  • परिजनों का तर्क: मृतक सौरभ के परिजनों ने स्पष्ट किया कि उन्होंने करीब 20 साल पहले ही ईसाई धर्म अपना लिया था। इसलिए, वे शव का दाह-संस्कार करने के बजाय उसे दफनाना चाहते थे।
  • परिवार का बयान: सौरभ की भाभी लक्ष्मी ने कहा कि उनका पूरा परिवार प्रभु यीशु मसीह में आस्था रखता है और वे उसी परंपरा का पालन करेंगे।

मोहल्ले वालों का विरोध और बहिष्कार की धमकी

​दूसरी तरफ, मोहल्ले के कुछ लोगों ने परिजनों के इस फैसले का कड़ा विरोध किया।

  • समाज का तर्क: स्थानीय लोगों का कहना था कि सौरभ हिंदू समाज से ताल्लुक रखता था, इसलिए उसका अंतिम संस्कार हिंदू रीति-रिवाज (दाह-संस्कार) से ही होना चाहिए। इस बात को लेकर काफी देर तक दोनों पक्षों में बहस और तनाव बना रहा।
  • चेतावनी: मामला इतना बढ़ गया कि स्थानीय लोगों ने परिवार को धमकी दे दी कि अगर उन्होंने समाज की बात नहीं मानी, तो उनका सामाजिक बहिष्कार (Social Boycott) कर दिया जाएगा।

अंततः दफनाया गया शव

​भारी विरोध और तनाव के बावजूद मृतक के परिजन अपने निर्णय से पीछे नहीं हटे। अंततः परिवार वालों ने अपनी धार्मिक मान्यताओं के अनुसार सौरभ के शव को दफन कर अंतिम विदाई दी।

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