- कलाकारों की बल्ले-बल्ले: पेंशन योजना, ‘गुरु-शिष्य परंपरा’ और कला सम्मान से आर्थिक सुरक्षा; बेतिया-मोतिहारी में बनेंगे भव्य प्रेक्षागृह
- फिल्म और मनोरंजन: बिहार फिल्म प्रोत्साहन नीति से 38 फिल्मों को मंजूरी; अब राज्य में ही खुलेगा ‘फिल्म एवं ड्रामा संस्थान’
- विरासत को नई पहचान: पटना और वैशाली म्यूजियम का आधुनिकीकरण; छठ पूजा को यूनेस्को की धरोहर सूची में लाने का लक्ष्य
द वॉयस ऑफ बिहार (पटना)
बिहार सरकार ने वित्तीय वर्ष 2026-27 के बजट में राज्य की कला और संस्कृति को नई ऊंचाइयों पर ले जाने का खाका खींचा है। कला, संस्कृति एवं युवा विभाग ने करीब ₹400 करोड़ के बजट प्रावधानों के साथ राज्य के गौरवशाली अतीत को आधुनिकता से जोड़ने का संकल्प लिया है। विभागीय मंत्री श्री अरुण शंकर प्रसाद ने इसे बिहार की ‘सांस्कृतिक पुनर्जागरण यात्रा’ का दस्तावेज बताया है।
कलाकारों को सम्मान और आर्थिक मदद
सरकार ने कलाकारों की सामाजिक सुरक्षा पर विशेष जोर दिया है।
- पेंशन: ‘मुख्यमंत्री कलाकार पेंशन योजना’ के तहत बुजुर्ग और जरूरतमंद कलाकारों को ₹3,000 प्रति माह दिए जा रहे हैं।
- गुरु-शिष्य परंपरा: विलुप्त होती कलाओं को बचाने के लिए गुरुओं को ₹15,000, संगतकारों को ₹7,500 और शिष्यों को ₹3,000 की मासिक सहायता दी जा रही है।
- पुरस्कार: ‘बिहार कला सम्मान’ के तहत 52 कलाकारों को ₹27 लाख की राशि वितरित की गई है।
फिल्म सिटी और इंफ्रास्ट्रक्चर का विस्तार
बिहार अब फिल्म निर्माण का हब बनने की ओर अग्रसर है।
- फिल्म नीति: नई फिल्म प्रोत्साहन नीति-2024 के तहत अब तक 38 फिल्मों/वेब सीरीज की शूटिंग को मंजूरी दी गई है।
- इंफ्रास्ट्रक्चर: बेतिया, मोतिहारी और मुजफ्फरपुर में ₹137.54 करोड़ की लागत से 2000 दर्शकों की क्षमता वाले अत्याधुनिक प्रेक्षागृह (Auditorium) बन रहे हैं। इसके अलावा 5 जिलों में ‘अटल कला भवन’ तैयार हो चुके हैं।
- फिल्म सिटी: आगामी वर्ष में बिहार में फिल्म सिटी और एक फिल्म एवं नाट्य संस्थान की स्थापना का लक्ष्य रखा गया है।
छठ पूजा और हेरिटेज पर फोकस
बिहार की पहचान छठ पूजा को वैश्विक मंच पर ले जाने के लिए सरकार इसे यूनेस्को (UNESCO) की ‘विश्व अमूर्त सांस्कृतिक विरासत सूची’ में शामिल कराने का प्रयास करेगी।
- म्यूजियम: पटना संग्रहालय और वैशाली के बुद्ध सम्यक दर्शन संग्रहालय का आधुनिकीकरण किया गया है। जल्द ही ‘म्यूजियम ऑन व्हील्स’ (मोबाइल म्यूजियम) भी सड़कों पर दिखेगा।
- पुरातत्व: लखीसराय की लाल पहाड़ी और दरभंगा के अहिल्या स्थान के संरक्षण के लिए करोड़ों रुपये की स्वीकृति दी गई है।


